खट्टा प्रहलादपुर गांव स्थित सूखी पूर्वी यमुना नहर । स्रोत:ग्रामीण
बागपत। पूर्वी यमुना नहर से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने की गाज अब सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मुकेश देव पर गिर गई। विभागीय प्रमुख अभियंता ने उन्हें बागपत से हटाकर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। लखनऊ से अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार बागपत नियुक्त किए गए हैं।
बागपत को पूर्वी यमुना नहर से सिंचाई के लिए प्रतिदिन 350 क्यूसेक पानी की जरूरत है। इसके सापेक्ष महज 60 से 70 क्यूसेक पानी मिल रहा है। जरूरत से 80 प्रतिशत कम पानी मिलने से किसानों में न केवल आक्रोश है, बल्कि भीषण गर्मी में फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है।
सूखती फसलों को बचाने के लिए किसान अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से पूर्वी यमुना नहर में पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। इसपर अब सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता ने अधिशासी अभियंता मुकेश देव को बागपत से हटाकर विभागीय मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिए। वह बागपत में डेढ़ साल कार्यरत रहे।