- दो पैकेज में कराया जाएगा अक्षरधाम मंदिर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे तक पहले चरण का निर्माण
- 32 किमी एक्सप्रेस-वे में 18 किमी एलिवेटेड होगा, छह लेने की होगी चौड़ाई
- मार्च 2021 में निर्माण होगा शुरू, दो साल में ही कार्य पूरा किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे तक पहले चरण का निर्माण दो पैकेज में कराया जाएगा। अलग-अलग कंपनियां निर्माण करेगी। छह लेन एक्सप्रेस-वे के 32 किमी के टुकड़े में 18 किमी एलिवेटेड होगा। सर्विस लेन दी जाएगी, जिससे लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इकनॉमिक कॉरिडोर से देहरादून की दूरी सिर्फ 210 किमी रह जाएगी और सफर ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। करीब 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर का निर्माण होगा। सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने बताया कि मार्च 2021 में निर्माण शुरू होगा और दो साल में ही कार्य पूरा होना है।
इस तरह पहले चरण का निर्माण
- पहले पैकेज में 14.750 किमी का होगा। इस पैकेज की शुरूआत दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निकट अक्षरधाम मंदिर से दिल्ली-यूपी बॉर्डर तक होगी।
- दूसरे पैकेज में यूपी बॉर्डर से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बागपत तक निर्माण होगा। इसकी लंबाई 16.450 किलोमीटर है।
यहां से गुजरेगा दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर
बागपत। उत्तर पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और देहरादून के 210 किमी के हिस्से से होकर गुजरेगा।
यहां होगा एलिवेटेड
बागपत। लगभग 32 किलोमीटर के पहले चरण में 18 किमी एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे बनेगा। एलिवेटेड शास्त्री पार्क, खजूरी खास और मंडोला से होकर गुजरेगा, जिससे इन इलाकों के लोगों को लाभ होगा।
ट्रॉनिका सिटी और मंडोला योजना को लगेंगे पंख
बागपत। गाजियाबाद जिले की ट्रॉनिका सिटी और मंडोला विहार योजना को लाभ होगा। दिल्ली-देहरादून ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण से यहां पर आबादी बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
बागपत को मिलेंगे सबसे ज्यादा कट
बागपत। मवी कलां में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे मिलकर जंक्शन बनेगा। इसके बाद बागपत में मेरठ मार्ग पर अग्रवाल मंडी टटीरी के निकट और बड़ौत में मेरठ मार्ग पर कट मिलेगा।
भाजपा के मिशन 2022 और 2024 का भी कॉरिडोर
बागपत। दिल्ली-देहरादून ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण का लक्ष्य दो साल रखा गया है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव साल 2022 में होंगे और इसके बाद साल 2024 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं। दोनों चुनाव में भी कॉरिडोर मुद्दा रहेगा।
बागपत लोकसभा क्षेत्र के लोगों के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल के साथ-साथ यह बड़ी उम्मीदों का कॉरिडोर है। रोजगार और उद्योग की दृष्टि से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होगा। - डॉ सत्यपाल सिंह, सांसद, बागपत।