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दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में बनाई गई थी अस्थायी जेल, हर दीवार पर लिखा जय श्रीराम

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बड़ौत के बिजरौल गांव के शहामल इंटर कॉलिज में अयोध्या जाने से पूर्व चरण पादुका सभा में एकत्र लोग - फोटो : BARAUT
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राम मंदिर आंदोलन :
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- सैकड़ों कारसेवकों ने दी थी गिरफ्तारी, श्रीराम जय राम, जय-जय राम के नारों से गूंज उठी थी जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। श्रीराम मंदिर आंदोलन के दौरान नगर के दिगंबर जैन इंटर कॉलेज को अस्थायी जेल मेें तब्दील कर दिया गया था। इसमें सैकड़ों कार सेवकों ने एक-साथ गिरफ्तारी दी थी। जेल में रहने के दौरान भी उत्साह का माहौल था।
राम मंदिर के लिए शुरू हुए आंदोलन के दौरान गिरफ्तारियों का दौर शुरू हुआ, तो बड़ी संख्या में लोग जेल भेजे गए। किसी ने जुलूस निकालते हुए गिरफ्तारी दी तो, किसी को घर से गिरफ्तार कर लिया गया था। बहुत से लोगों को जेलों मेें रखा गया था तो कइयों को अस्थाई जेलों में। ज्यादातर स्कूल, कॉलेजों को जेलों में बदल दिया गया था। नगर के दिगंबर जैन इंटर कॉलेज को भी अस्थायी जेल में तब्दील कर दिया गया था। इसमें एक साथ सैकड़ों कारसेवकों ने एक साथ अपनी गिरफ्तारी दी थी। वहां भी श्रीराम जय राम, जय-जय राम का नारा दिन भर गूंजता था। कारसेवकों ने जेल के अंदर दीवारों पर श्रीराम के जयकारे और राम मंदिर की पेंटिंग बना दी थी।
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इन लोगों ने दी थी गिरफ्तारी
बड़ौत। भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय सचिव विजय कुमार के नेतृत्व में दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में बनाई गई अस्थायी जेल में रामकुमार गुप्ता, विनोद कुमार जैन एडवोकेट, प्रवीण जैन, धर्मपाल सैनी, वकील चन्द जैन, मुराली लाल गुप्ता सहित सैकड़ाें की संख्या में कारसेवकों ने दी थी गिरफ्तारी।
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21 दिन जानसठ जेल में बंद रहे नरेंद्र कुमार जैन
बड़ौत। नरेन्द्र कुमार जैन बताते है कि राम मंदिर आंदोलन चरम पर था। अधिकांश कारसेवक व आंदोलन से जुडे़ लोग अयोध्या कूच करने की तैयारी में थे। पुलिस से बचते हुए चोरी-छिपे नगर से बाहर तो निकल गया, लेकिन बीच रास्ते में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस दौरान 21 दिनों तक जानसठ जेल में बंद रहा, लेकिन राम मंदिर बनवाने का जुनून कम नहीं हुआ। आज बहुत खुशी है कि 30 साल पुरानी उनकी मांग पूरी हो रही है।
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