लंबित मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ ने डीआईओएस दफ्तर पर धरना प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा शिक्षकों के जायज मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा तीन वर्षों से कक्ष निरीक्षक और मूल्यांकन का मानदेय नहीं दिया।
मंगलवार को डीआईओएस दफ्तर के सामने शिक्षकों ने प्रदर्शन कर धरना दिया। इस मौके पर संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया है। लेखा विभाग शिक्षकों की समस्या लंबित है।
आरोप लगाया कि विभाग पेंशन योजना की दो करोड़ की धनराशि दबाए बैठा है। तीन वर्षों ये बोर्ड परीक्षा में कार्य करने वाले कक्ष निरीक्षक और मूल्यांकन का मानदेय नहीं दिया। 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की पेंशन पत्रावलियों को जमा नहीं कराई।
एमएम इंटर कॉलेज खेकड़ा के शिक्षकों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। वरिष्ठता के आधार पर प्रवक्ताओं की सूची नहीं बनाई। शिक्षकों का हंगामा बढ़ता देखकर डीआईओएस आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे।
शिक्षकों के सभी प्रकरणों का सकारात्मक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इसमें जिलाध्यक्ष वल्लभ सिंह शर्मा, मीडिया प्रभारी अजय राज शर्मा, संरक्षक इंद्रपाल सिंह, प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष राममोहन भारद्वाज, ललित जैन, सत्यवीर सिंह, ओंकार दत्त शर्मा, जितेंद्र पाल, राजेंद्र शर्मा, राजेश नागर, कुलदीप, नरेंद्र सिंह, नवीन कुमार, जितेंद्र, जगत सिंह, कृष्णपाल तंवर आदि रहे।