जिले भर में वसंत पंचमी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। विद्या की देवी मां शारदा की पूजा अर्चना की । बाबा जानकी दास मंदिर में सफेद पुष्प, नारियल और पंच मेवा से दिव्य पूजन किया। स्कूलों में कार्यक्रम हुए।
सोमवार को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया गया। बाबा जानकी दास मंदिर में मां सरस्वती का सफेद फूल, नारियल और पंच मेवा से दिव्य पूजन किया। ज्योतिषाचार्य राज कुमार शास्त्री ने बताया कि मां सरस्वती बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी है। जिसके बिना मनुष्य शून्य है।
विद्यार्थी वर्ग के लिए ये दिन बहुत ही खास है। आज के दिन विशेष आराधना एवं पाठ करना चाहिए। वसंत पंचमी को देवी सरस्वती की पूजा इसलिए की जाती, जब सृष्टि की रचना हुई तो मां ने वाणी दी। शास्त्रों में वर्णन आता है कि ब्रह्मा जी सृष्टि की रचना की, लेकिन उन्हें संतुलित नहीं हुई, क्योंकि पृथ्वी पर हर तरफ उदासी छायी हुई थी।
तब ब्रह्मा जी ने विष्णु भगवान की अनुमति लेकर कमंडल से जल की कुछ बूंदे पृथ्वी पर डाली, जिससे मां शारदा प्रकट हुई। तब मां ने सभी को वाणी के साथ विद्या और बुद्धि प्रदान की। माघ शुक्ल पंचमी का दिन इनकी पूजा के लिए विशेष है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा, बबलू, राजेश, रोहताश, संजय, देवेंद्र, गीता, दुर्गावती, कौशल, दर्शन, सुबोध, दीपक शास्त्री, राकेश शास्त्री, तेजभान शास्त्री, सुनील जोशी आदि रहे। श्री धर्म संघ संस्कृत विद्यालय में वसंत पंचमी धूमधाम से मनाई गई।
मां सरस्वती की पूजा की। प्रधानाचार्य प्रवीण पुलस्त्य ने बताया कि विद्या बुद्धि एवं संगीत की देवी सरस्वती का जन्म वसंत पंचमी के दिन हुआ। विद्या की प्राप्ति के लिए इनकी पूजा करनी चाहिए।
कार्यक्रम में सुमित शास्त्री, शोभित शास्त्री, योगेंद्र शास्त्री, आचार्य संजय, दुर्गेश शास्त्री, हरिओम पांडेय, जय कुमार आदि रहे। प्रशासन ने तहसील परिसर में भजन संध्या का आयोजन किया। संस्कार विद्यापीठ स्कूल, टीकरी में देवी सरस्वती की पूजा की।
प्रधानाचार्य सुमन चौधरी ने पर्व का महत्व बताया। इसमें प्रवेश कुमार, शिल्पा तोमर, सुशील वत्स, शिल्पा जैन, नीतू शर्मा, मोनिका राठी, विकास कुमार, विकास आर्य, दीपा राठी, रचना शर्मा, शिवांगी, प्रिया, सोनिया, रश्मि, शगुन, साक्षी, राखी उपस्थित रहे।