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महापंचायत के मंच पर 2022 के चुनाव पर साधा निशाना

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बड़ौत तहसील में महापंचायत को सम्बोधित करतें पूर्व विधायक गजेन्द्र मुन्ना। - फोटो : BARAUT
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महापंचायत के मंच पर 2022 के चुनाव पर साधा निशाना
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विपक्षी दलों ने भाजपा विधायकों और सांसदों को ललकारा
युवाओं की नब्ज टटोली, बुजुर्गों को याद दिलाई विरासत
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। गाजीपुर बॉर्डर पर बदले हालात के बाद बागपत की किसान राजनीति के गढ़ बड़ौत से विपक्षी दलों ने भाजपा की घेराबंदी की। युवाओं की नब्ज टटोली गई और बुजुर्गों को विरासत की याद दिलाई। पश्चिम यूपी के भाजपा सांसदों और विधायकों पर निशाने साधे गए। भावनाओं के सैलाब के बीच विपक्षी दलों के नेताओं ने साल 2022 के चुनाव की चर्चा कर भाजपा को सबक सिखाने का आह्वान किया। असर कितना होगा, यह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ही देखने को मिल जाएगा।
गाजीपुर बॉर्डर पर भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के आंसू और बड़ौत के धरने पर लाठीचार्ज के बाद पनपे आक्रोश के बीच बड़ौत तहसील में महापंचायत का मंच सजा तो भाजपा सरकार निशाने पर रही। रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने अगुवाई की। रालोद नेताओं ने किसान आंदोलन और लाल किला प्रकरण पर युवाओं को झकझोरा। पिछले चुनाव याद दिलाए गए। रालोद के पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक राजपाल बालियान, पूर्व विधायक गजेंद्र सिंह मुन्ना, पूर्व विधायक अजय तोमर, पूर्व विधायक वीरपाल राठी समेत शीर्ष पदाधिकारी किसानों के बीच पहुंचे। सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान ने भाजपा के लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर को कठघरे में खड़ा किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. यूनुस चौधरी, आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर सांसदों और विधायकों को किसानों की हालत के लिए जिम्मेदार बताया।
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भाजपा प्रत्याशियों के सामने होगी चुनौती
विधानसभा और लोकसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को किसानों को अपने पाले में लाना चुनौती होगी।
सांसदों और विधायकों से रिश्तेदारी न निभाएं
महापंचायत में यह भी कहा गया कि कुछ लोग भाजपा सांसदों और विधायकों से रिश्तेदारी निभाते रहते हैं। ऐसे लोग भी उन्हें भूल जाएं और किसानों के मुद्दे पर एकजुट रहें।
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निरपुड़ा गांव में नहीं घुसने देंगे भाजपाई
महापंचायत में भावुक हुए निरपुड़ा के बिजेंद्र राणा ने कहा कि किसानों के दर्द को बांटने के लिए कोई भाजपा नेता नहीं आया है। एलान किया कि गांव में भाजपा नेताओं को घुसने नहीं देंगे।
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