बागपत। खेकड़ा कोविड अस्पताल से मंगलवार को कोरोना संक्रमित का शव दूसरे परिवार को सौंप दिया गया। उन्होंने अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, दूसरा परिवार अपने परिजन शव लेने पहुंचा तो शव बदले जाने का खुलासा हुआ। इसे लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ। बाद में अंतिम संस्कार कर चुके लोग फिर से कोविड अस्पताल पहुंचे और अपने परिजन का शव ले गए। हालांकि पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत नहीं की है।
झुंडपुर गांव निवासी 70 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा की पिछले कई दिन से तबीयत खराब थी। कोरोना पॉजिटिव होने पर उन्हें बड़ौत के आस्था अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्हें तबीयत बिगड़ने पर शनिवार को खेकड़ा कोविड अस्पताल रेफर कर दिया। जहां मंगलवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई। बेटे पार्थ शर्मा समेत अन्य परिजन शव लेने अस्पताल पहुंचे तो चेहरा देखकर उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ को बताया कि शव सुरेंद्र शर्मा का नहीं है। पहले तो स्टाफ यह मानने को ही तैयार नहीं हुआ। उन पर शव ले जाने का दबाव बनाने लगा।
मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो पुलिस और डिप्टी सीएमओ डॉ. यशवीर मौके पर पहुंच गए। बताया कि पाली निवासी खुशीराम की भी आज सुबह मृत्यु हुई। वहां संपर्क किया तो खुशीराम के परिजन शव का अंतिम संस्कार कर चुके थे। इसे लेकर काफी देर तक अस्पताल में हंगामा हुआ। जानकारी पाकर पाली के ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और शव की पहचान खुशीराम के रूप में करके ले गए और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। यह तय हुआ कि सुरेंद्र शर्मा की अस्थियां वे उनके परिजनों को सौंप देंगे। वहीं,सुरेंद्र शर्मा के परिजनों ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। उधर, डिप्टी सीएमओ डॉ. यशवीर का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।