संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। व्यापारी सोहनलाल व उनके बेटे विकास की हत्या में शामिल बदमाशों सुनील उर्फ जोनी और भीमसैन निवासी मंडौली कलां जिला भिवानी हरियाणा के बारे में पुलिस को काफी जानकारी मिली थी। यह दोनों दोस्त थे और इनमें बदमाश सुनील खुद को गो रक्षक बताता था। इन दोनों को शराब के लिए रुपये की जरूरत थी, इसलिए इंस्टाग्राम व फेसबुक पर दोस्ती के दो दिन बाद बड़ौत में आकर घटना को अंजाम दिया। मुठभेड़ में दोनों पैरों में गोली लगने पर पकड़े गए भीमसैन से पुलिस ने पूछताछ की। एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि मंडौली कलां गांव में युवाओं ने ग्रुप बना रखे हैं। वे भी सुनील के साथ ग्रुप में शामिल हैं और सुनील गो रक्षक बनकर काम करता है। साथ ही सुनील वीडियो व फोटो भी सोशल मीडिया पर डालता रहता है। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर सात जून को हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी की सुनील से दोस्ती हुई थी।
इसके बाद उनकी मोबाइल पर बातचीत हुई और सुनील ने ही भीमसैन की बात वरुण से कराई थी। वरुण ने दोनों से व्यापारी सोहनलाल अग्रवाल की हत्या करने के लिए कहा और इसके लिए 20 हजार रुपये तय हुए। दोनों को शराब के लिए रुपये की जरूरत थी, इसलिए वे तैयार हो गए।
घटना को अंजाम देने के बाद भीमसैन के हिस्से में साढ़े छह हजार रुपये आए थे।