समायोजन को लेकर तैयारी शुरू, बीएसए ने बीईओ की बैठक लेकर दिए दिशा-निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जनपद शामली में ऐसे 96 परिषदीय स्कूल हैं, जहां पर छात्र व शिक्षक का अनुपात बिगड़ा हैं। कहीं तीन बच्चे तो कहीं 20 छात्र पंजीकृत हैं, जबकि वहां पर मानक से अधिक शिक्षक तैनात है। ऐसे स्कूलों के बच्चों को अब शासन के निर्देश पर एक किलोमीटर के दायरे में दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। विलय के बाद खाली स्कूलों को सुसज्जित कर उनमें प्री-प्राइमरी कक्षाएं चलाने की तैयारी है। जनपद में इसकी तैयारी शुरू हो गई है। सोमवार को बीएसए ने बीईओ की बैठक लेकर निर्देश दिए है।
जनपद में 596 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। पिछले काफी समय से कई स्कूलों में बच्चों के कम नामांकन से छात्र व शिक्षकों का अनुपात बिगड़ गया है। इससे लगातार स्कूलों में बच्चों की संख्या घट रही है, लेकिन वहां पर छात्रों की अपेक्षा शिक्षक अधिक हैं। इसे देखते हुए सरकार ने कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की नीति तैयार की है। नई नीति के तहत कम नामांकन वाले स्कूलों के बच्चे नजदीकी स्कूल में समायोजित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग तैयारी में भी जुट गया है, लेकिन शिक्षक संगठनों समेत शिक्षक-अभिभावक समितियां स्कूल मर्ज करने की नीति के विरोध में हैं। उनका तर्क है कि अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी स्कूलों की कमी है। यदि स्कूलों को एक में मिला दिया गया तो बच्चों और शिक्षक के लिए स्कूल दूर हो जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से ग्रामीण क्षेत्र में लोग अपनी बेटियों को दूर के स्कूलों में भेजने से हिचकते हैँ। बताया जा रहा है कि जिन स्कूलों का विलय कराया जाएगा, उसके बाद खाली उन स्कूलों का इस्तेमाल को-लोकेटेड आंगनबाड़ी के लिए जाएगा। यदि पहले से आंगनबाड़ी मौजूद है तो उसका इस्तेमाल स्वास्थ्य कल्याण केंद्र के लिए किया जाएगा।
-बीएसए ने बैठक लेकर दिए निर्देश
स्कूलों के समायोजन प्रक्रिया को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी लता राठौर ने सोमवार को सभी बीईओ के साथ बैठक करते हुए दिशा-निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए कि दो दिन के अंदर ऐसे सभी मर्ज होने वाले स्कूलों में बच्चों के अभिभावकों के साथ बैठक करते हुए उन्हें इसकी जानकारी दी जाए। बीएसए ने बताया कि जनपद में हाल में 96 स्कूल ऐसे है जिनमें 50 से कम बच्चों के नामांकन है। स्कूलों को मर्ज का कार्य कई चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में जनपद के पांचों ब्लॉकों से पांच-पांच स्कूल मर्ज किए जाएंगे। बाकी स्कूलों को भी शासन के नियमानुसार मर्ज किया जाएगा। बीएसए ने बताया कि फिलहाल मर्ज होने की स्थिति में जनपद से 96 स्कूलों में से लगभग 35 स्कूल है।