फोटो ऑफ द डे:- साल भर की मेहनत पर फिर गया कुदरत का पानी:- लहचौड़ा गांव में आंधी व बारिश के ब
बागपत। यहां आंधी व बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। इससे गेहूं व आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी के कारण कई जगह पेड़ टूटकर गिर गए। वहीं गेहूं की कटी हुई फसल को 40 प्रतिशत और आम में 20 तो सब्जी में 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
बेमौसम हुई बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। आंधी व बारिश से रबी सीजन की तैयार गेहूं फसल खेतों में ही बिछ गई है और जो फसल खेतों में कटकर रखी हुई, उनके दाने काले पड़ने का डर है। इसके अलावा खड़ी फसल भी गिर गई। इस तरह गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
आंधी व बारिश के कारण सरसों की फसल का दाना भी खेतों में गिर गया है। इस तरह ही सब्जी में लौकी, तोरई, टमाटर व भिंडी की फसल प्रभावित हुई है और इसमें फंगस रोग लगने का खतरा हो गया है। इससे बचाव के लिए दवा का छिड़काव करना होगा। इससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है।
गेहूं की पैदावार में होगी कमी, गेहूं जल्द खराब होने का खतरा
खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को बारिश होने से काफी नुकसान हुआ है। उसका दाना काला पड़ने लगेगा और इसको ज्यादा दिन तक नहीं रखा जा सकता। दो से तीन माह में गेहूं को खत्म करना होगा। यदि ज्यादा दिन रखा तो इसमें बदबू आनी शुरू हो जाएगी और कीड़े भी हो सकते हैं। इस बार बीज बनाने में भी किसानों को परेशानी होगी।
आंधी में आम छोटे होने के कारण टूटकर गिरे
इस बार आम के बागों में बौर अच्छा होने के कारण बागान मालिक अच्छी पैदावार की उम्मीद जता रहे थे, लेकिन पहले कीट व रोग ने फसल खराब कर दी। अब तेज हवा के कारण आम टूटने से पैदावार काफी प्रभावित होती दिख रही। तेज हवा चलने के कारण पेड़ों पर लगे छोटे आम टूटकर गिर गए हैं।