भगवान शिव व माता पार्वती की होती है पूजा, मनोकामना होगी पूरी
बड़ौत। वैशाख माह में सोम प्रदोष व्रत 24 मई को है। शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ने के कारण व्रत और भी विशेष हो गया है। क्योंकि सोमवार का दिन भगवान शिव का होता है। वहीं सोम प्रदोष व्रत भी भगवान शिव के लिए ही होता है। ऐसे में ये प्रदोष व्रत और भी फलदायी रहेगा।
यह जानकारी मां दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित आकाश भारद्वाज ने दी। इनका कहना है कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस व्रत की पूजा प्रदोष काल में यानी शाम के समय होती है। लोग इस दिन निर्जला व्रत रखते हैं। इस दिन चंद्रमा तुला राशि और सूर्य वृषभ राशि पर संचार रहेगा। इसलिए कृतिका सूर्य नक्षत्र का योग बन रहा है। यह व्रत रखने से और प्रदोष काल में पूजा करने से शिव प्रसन्न होते हैं। व्यक्ति के रोग दूर होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
शुभ मुहूर्त-
त्रयोदशी तिथि आरंभ: 24 मई को सुबह 3:38 बजे से
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 25 मई रात 12:11 बजे पर
पूजा का समय शाम को 7:10 बजे से रात 9:10 मिनट तक