जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने अपेक्षा को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची कोतवाली पुलिस की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अपेक्षा के पिता संदीप बिजरौल गांव के रहने वाले हैं जो यूपी पुलिस में बिजनौर में तैनात हैं।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि मौत के कारण जानने के लिए बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
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माता-पिता के बीच चल रहा विवाद
अपेक्षा के पिता संदीप यूपी पुलिस में बिजनौर में तैनात हैं। अक्षिता के नाना गुलवीर के अनुसार अक्षिता की मां और पिता में पिछले दो साल से विवाद चल रहा है, इसके चलते अपेक्षा को लेकर उसकी मां अपने मायके में सरूरपुर कलां में ही रहती है।
सात साल की बच्ची को हार्टअटैक होना एक लाख मामलों में एक हो सकता है। हार्टअटैक के मामले बीस वर्ष से अधिक उम्र वालों में होते हैं। इसका कारण यह है कि बुजुर्ग व बीस साल से अधिक की उम्र वालों की दिल की धमनियों में खून का थक्का जम जाता है। इससे खून की आपूर्ति दिल में रुक जाती है। समय पर उपचार न मिलने पर मौत हो जाती है। बच्चों में थक्का बनने की संभावना नहीं होती है। जन्म से बच्चे में कोई बीमारी हो, जिसका पता नहीं चला हो। जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो जाए। इस कारण कम उम्र में दिल की समस्या से मौत हो सकती है। -डाॅ. मयंक गोयल, कार्डियोलोजिस्ट
स्कूल में मध्यावकाश होने पर बच्चे मैदान में खेल रही थी, तभी अपेक्षा बेहोश होकर गिर गई। उसके अभिभावकों को इसकी सूचना देकर बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। -अशोक कुमार, प्रबंधक योगीनाथ विद्यापीठ, सरूरपुरकलां।