शिकायतों के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। एक माह से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं खुले में मीटिंग करने को मजबूर हैं। इससे महिलाओं को अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है। मगर, शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
महिलाओं संतोष, निर्मला, आशा, पुष्पा, रेखा, योगिता, पूजा, तनु, ममता आदि का कहना है कि विभागीय अधिकारी बावली गांव के बाहरी हिस्से में बने एक मकान में बैठक करा रहे हैं। महिलाओं को पांच से छह किमी दूर से खेतों के रास्ते से होकर बैठक में शामिल होना पड़ता है। ऐसे में महिलाओं के साथ कोई अप्रिय घटना होने की आशंका बनी रहती है। लगातार शिकायत किेए जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बड़ौत ब्लाक के 20 ग्राम संगठन में से 14 ग्राम संगठन की महिलाएं कलस्टर की बैठक बड़ौत ब्लाक कार्यालय पर कराने के पक्ष में हैं। मगर, विभागीय अधिकारी व कर्मचारी बावली गांव की मात्र दो-तीन महिलाओं के बहकावे में आकर बैठक का स्थान नहीं बदल रहे हैं। इसी विवाद के चलते न तो स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कार्य दिलाने के लिए ट्रेनिंग हो पा रही है और न ही कलस्टर का विकास हो पा रहा है। उधर, बीडीओ राहुल वर्मा का कहना था कि शिकायत प्राप्त हुई है। इस संबंध में ब्लाक मिशन प्रबंधक से जवाब मांगा जा रहा है।