बागपत के ग्राम सरूरपुर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में रविवार की रात नौ बजे खुदाई के दौरान भगवान पार्श्वनाथ की पांच सौ से अधिक साल पुरानी मूर्ति निकली है। मूर्ति निकलने की सूचना मिलते ही मंदिर में दूर-दूर से लोग पहुंचने लगी। मंदिर में हजारों की भीड़ लग गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को व्यवस्था संभालने में पसीने छूट गए। देर रात तक लोगों का आने का सिलसिला जारी रहा।
जैन मंदिर में रविवार को दोपहर दो बजे से ही मूर्ति होने की सूचना पर खुदाई कराई जा रही थी। दिगंबर जैन मंदिर के अध्यक्ष सुशील जैन ने बताया कि क्षुल्लक श्री 105 ज्ञान सागर जी महाराज ने एक माह पूर्व भविष्यवाणी की थी कि 25 अक्तूबर को सरूरपुर के जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ की प्राचीन मूर्ति निकलेगी।
इस भविष्यवाणी के आधार पर ही मंदिर में बताए गए स्थान पर दोपहर से खुदाई का कार्य शुरू करा दिया गया। इसको देखने के लिए दूरदराज से लोग पहले ही पहुंचने शुरू हो गए थे। बताया जाता है कि इंदौर, हैदराबाद, सूरत, दिल्ली, हरियाणा के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, शामली, बड़ौत से भारी संख्या में लोग पहुंच गए।
जैसे ही रात नौ बजे खुदाई में मूर्ति निकली, पूरा क्षेत्र भगवान पार्श्वनाथ के जयघोष से गूंज उठा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और व्यवस्था को संभालने का प्रयास किया। हालांकि आस्था के सामने व्यवस्था चरमरा गई।
मूर्ति निकलने के बाद शुद्धीकरण शुरू करा दिया गया। भगवान पार्श्वनाथ को पंचामृत से स्नान कराया जा रहा था। सुशील जैन ने बताया कि लगभग सवा फुट ऊंची पांचफनी मूर्ति खुदाई में निकली है। यह श्यामवर्ण पाषाण की खड़ासन में मूर्ति है। उनके अनुमान के मुताबिक यह पांच सौ से अधिक वर्ष पुरानी है। हालांकि सही आंकलन अभी नहीं किया गया है। समाचार भेजे जाने तक मूर्ति का शुद्धिकरण कराया जा रहा था।