बागपत में मोहर्रम पर शहरभर में मातमी जुलूस निकाला गया। मातमी जुलूस में ताजिया में पटाबाजों ने अपने हैरतअंगेज करतब दिखाए। बाद में कर्बला में गमगीन माहौल में ताजिया को दफना किया गया।
शनिवार को दोपहर मातमी जुलूस को पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद के भतीजे नवाब अली ने रवाना किया। सब्जी मंडी वाली मस्जिद से ताजिया शुरू हुआ। ताजिया के साथ लोगों की भारी भीड़ रही। ताजिया को देखने के लिए छतों, सड़कों बाजारों में हुजूम लग गया।
कोहिनूर खलीफा एवं उनके साथियों ने हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। पटाबाजी, तलवारबाजी के करतब दिखाए। अरशद उर्फ काला सलमानी ने कांटों पर खड़े होकर शरीर पर मोमबत्ती जलाई तथा बच्चों के साथ सुहेल, अरशद, राशिद, दानिश ने आग का करतब दिखाकर सबको चौंका दिया।
तलवार बाजी में सुहेल और जीशान का शानदार प्रदर्शन रहा। ताजिया शौकित मार्केंट, कोर्ट रोड, लाल खंभा से होते हुए ईदगाह परिसर में दफना दिया गया। इस मौके पर सपा नगर अध्यक्ष भूरू कुरैशी, हाजी रसीद, शाहनवाज, जाहिद, नौशाद, मुन्ना, फईम अजहर खां आदि मौजूद रहे।
उधर, अमीनगर सराय में मोहर्रम पर क्षेत्र के सिंघावली अहीर गांव में मातमी जुलूस निकाला गया। इस दौरान लोगों ने ताजिया रखकर जगह-जगह तलवार बाजी, पटा बाजी और लाठी का प्रदर्शन किया। पूरे गांव में जुलूस के उपरांत शाम को ताजिया को दफना दिया गया।
इस अवसर पर गांव में मेले का भी आयोजन किया गया। इसमें गांव के अलावा आसपास के गांव के बच्चों और बड़ों ने खूब खरीदारी भी की।