- नौरोजपुर गुर्जर के किसान के खाते से छह साल पहले निकाले गए थे 2.55 लाख रुपये, शाखा प्रबंधक कटाते रहे चक्कर
- उपभोक्ता फोरम ने निकाली गई 2.55 लाख के साथ ही दो हजार मानसिक क्षति व पांच हजार खर्च देने के आदेश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। केनरा बैंक शाखा के प्रबंधक पर उपभोक्ता फोरम ने शिकंजा कसते हुए किसान को दो लाख 62 हजार रुपये देने के आदेश दिए है। किसान के खाते से छह साल पहले दो लाख 55 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। उसने कोई सुनवाई नहीं होने पर उपभोक्ता फोरम में केस दायर किया था। इस पर सुनवाई के बाद फोरम ने यह आदेश जारी किए गए है।
नौरोजपुर गुर्जर गांव के किसान महेंद्र सिंह ने न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में एक केस दायर किया था। इसमें बताया था कि उसने किसान क्रेडिट कार्ड का केनरा बैंक की शाखा में खाता खुलवाया था। उसने 20 सितंबर 2016 को किसान क्रेडिट कार्ड के दो लाख 55 हजार रुपये खाते में जमा करा दिए थे। वह जब दोबारा पैसे लेने गया तो कैशियर ने बताया कि उन्होंने 21 सितंबर को खाते से दो लाख 55 हजार रुपये निकाले है, जबकि उसने खाते से कोई पैसा नहीं निकाला था। इसके बाद से वह शाखा प्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों के पास गया, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में मंगलवार को न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रामकरन, सदस्य राजीव कुमार व मीनाक्षी जैन ने फैसला सुनाया है। केनरा बैंक शाखा प्रबंधक को दो लाख 55 हजार रुपये किसान के खाते में जमा करने के साथ ही पांच हजार रुपये अधिवक्ता फीस व दो हजार रुपये मानसिक क्षति के रूप में देने के आदेश दिए गए है।
उपभोक्ता मध्यस्थता प्रकोष्ठ का गठन होगा, पांच सदस्य बनेंगे
न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रामकरन ने बताया कि आयोग में उपभोक्ता मध्यस्थता प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। इसके लिए पांच मध्यस्थों के एक पैनल का पांच साल के लिए चयन होगा। इसके लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी, जिला उपभोक्ता आयोग के सेवानिवृत्त सदस्य समेत अन्य आवेदन कर सकते है।