एक मार्च से प्राइमरी विद्यालयों में शुरू होगा शिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। शासन ने शुक्रवार को शैक्षिक संस्थाओं का संचालन शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। शासन ने दस फरवरी से कक्षा छठीं से आठवीं व एक मार्च से कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यालयों को खोलने के निर्देश दिए हैं। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूल खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में छठीं से आठवीं तक लगभग 35 हजार व प्रथम से पांचवीं तक के 60 हजार चार सौ सात छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने मानक और शर्तों के अनुसार विद्यालयों का संचालन करने के निर्देश दिए हैं।
कोरोना संक्रमण के चलते 22 मार्च 2020 को शासन ने विद्यालयों को बंद करने के निर्देश जारी किए थे। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने विद्यालयों का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दस फरवरी से कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यालयों का संचालन और एक मार्च से कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं का शिक्षण शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। शिक्षण के दौरान विद्यालयों में कोविड़-19 के नियम व शर्तों के आधार पर विद्यालयों का संचालन किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शासन ने निर्देशानुसार प्रोटोकॉल का पालन कर दस फरवरी से छठीं से आठवीं व एक मार्च से कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यालयों का संचालन शुरू कराया जाएगा। सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व हेडमास्टरों को कोरोना गाइड लाइन का पालन कर शिक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले में विद्यालय एवं पंजीकृत छात्र
बागपत। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 332 प्राथमिक विद्यालय, 62 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 136 कंपोजिट विद्यालय, 23 सहायता प्राप्त व दो राजकीय विद्यालयों सहित 555 विद्यालय संचालित हैं। इनके अलावा बड़ौत व छपरौली में एक-एक कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय हैं। मध्याह्न प्राधिकरण के जिला समन्वयक फरजान शैरफ ने बताया जिले में कक्षा एक से पांचवीं तक परिषदीय सहायता प्राप्त, प्राइवेट विद्यालयों में 60 हजार चार सौ सात छात्र-छात्राएं और छठीं से आठवीं तक के लगभग 35 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
शिक्षकों को दिशा निर्देश दिए
बागपत। बेसिक शिक्षाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने शुक्रवार को अन्य जनपदों से स्थानांतरित होकर बागपत आए शिक्षकों को निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षण डायरी बनाने व प्रेरणा लक्ष्य, सूची, तालिका व आधारशिला मोड्यलर के आधार पर बच्चों को शिक्षण कराने के निर्देश र्दिए।