बागपत। पुरा महादेव गांव का कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टूटना शुरू हुआ तो जेन अल्फा ने पढ़ाई के लिए दूसरा कोई विकल्प नहीं होने पर भविष्य अंधकार में जाता देख आवाज उठाई। पढ़ाई के लिए दूसरी जगह तय करने के बाद ही स्कूल तोड़ने की मांग करते हुए आंदोलन छेड़ दिया और इसकी शुरुआत धरने से की गई। जेन अल्फा छात्राओं के आंदोलन को देख डीआईओएस राजीव कुमार यादव ने समिति और प्रधानाचार्य को विद्यालय नहीं तोड़ने के आदेश जारी किए। अब इस मामले की जांच खुद डीआईओएस करेंगे।
पुरा महादेव गांव में बेटियों को शिक्षा देने के लिए वर्ष 2005 में वित्तविहीन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निर्माण कराया गया था। विद्यालय को शुरू में कक्षा छह से आठवीं तक की मान्यता मिली थी। उस समय विद्यालय में 50 छात्राओं का दाखिला कराकर पढ़ाई शुरू कराई गई। तीन साल बाद हाईस्कूल तक की मान्यता ली गई और वहां छात्राओं को शिक्षा देने के लिए नौ शिक्षकों की तैनाती की गई। इसमें प्रधानाचार्य सुशील, संगीता, अर्चना, कुसुम, नीतू, सुनीता, वर्षा, नीलम आदि शामिल हैं। धीरे-धीरे छात्राओं की संख्या बढ़ती गई और अब वर्तमान में विद्यालय में 110 छात्राएं पढ़ती हैं।
अब पुरा महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार की जद में माध्यमिक विद्यालय आ गया। विद्यालय को शनिवार को तोड़ना शुरू कर दिया इससे छात्राओं की शिक्षा पर संकट खड़ा हुआ तो उन्होंने आंदोलन शुरू कर दिया। सबसे पहले छात्राओं ने निवार को शिक्षकों के साथ विद्यालय में धरना देकर अपनी आवाज उठाई। छात्राओं ने विद्यालय को टूटने से बचाने के लिए अफसरों से शिकायत की और सड़क पर उतरने की चेतावनी दे दी।
इसके बाद डीआईओएस राजीव कुमार यादव ने छात्राओं की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए मंदिर समिति और प्रधानाचार्य को पत्र जारी करते हुए विद्यालय को तोड़ने पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त विद्यालय को बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के नहीं तोड़ा जाएगा। पुरा महादेव मंदिर समिति के पदाधिकारियों से वार्ता की जाएगी। वहीं अन्य स्थान पर विद्यालय का जब तक निर्माण नहीं हो जाता, तब तक विद्यालय को तोड़ा नहीं जाएगा। इससे पहले किसी ने विद्यालय तोड़ने का प्रयास किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
नौ गांवों की छात्राएं लेती हैं शिक्षा
कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बागपत व मेरठ जिले के नौ गांवों से बेटियां पढ़ाई करने के लिए आती हैं। इनमें पुरामहादेव, मवीकलां, मवीखुर्द, बुढ़सैनी, मतानतनगर व मेरठ जिले का कल्याणपुर और नंदपुरा समेत अन्य गांव शामिल हैं। यदि विद्यालय टूट गया तो नौ गांवों की छात्राओं के भविष्य पर संकट आ जाएगा।
विद्यालय को तोड़ने पर छात्राओं के आंदोलन करने का मामला जानकारी में आया है। विद्यालय को तोड़ने पर तुरंत रोक लगा दी गई है। समिति वालों से बातचीत की जाएगी। छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी, उसके लिए व्यवस्था जरूर की जाएगी।
-राजीव कुमार यादव, डीआईओएस
विद्यालय को तोड़ने पर रोक लगाने की बात पता चली है। इसको लेकर अब गांव के लोगों से वार्ता की जाएगी। हम भी नहीं चाहते हैं कि छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो। इसके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
-संजीव शर्मा, सचिव पुरा महादेव मंदिर समिति