बागपत। ऑडिट प्रकरण का निस्तारण नहीं करने पर 32 ग्राम पंचायतों के 13 सचिवों का वेतन रोक दिया गया है। इनमें ऑडिट के कारण 13 करोड़ रुपये से अधिक की कमियां मिली थीं और कई साल बाद भी निस्तारण नहीं होने पर सचिवों का वेतन रोकते हुए दो दिन में निस्तारण करने के आदेश दिए।
जिले की 32 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2017-18 से लेकर वर्ष 2023-24 तक कराए गए कार्यों का ऑडिट किया गया था। ऑडिट के दौरान 13 करोड़ से अधिक की कमियां मिली थीं और इनका निस्तारण करने के लिए सचिवों को पत्र लिखा गया था, लेकिन सचिवों ने निस्तारण करने के लिए रुचि तक नहीं दिखाई। सचिवों को कई बार पत्र लिखने के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया। इन पंचायतों में दाहा, मुकंदपुर, औसिक्का, पाबला बेगमाबाद, अहैड़ा, राजपुर खामपुर, दौझा, सुल्तानपुर हटाना, राजपुर खामपुर, ढोढ़रा, धनौरा सिल्वरनगर, बाघू, बली, संतोषपुर, लहचौड़ा, ललियाना, मंसूरपुर, लुहारी, शबगा, लोयन, गोठरा, बंदपुर, सांकरौद, निरोजपुर एम्मा, खैला, घिटौरा, नांगल, कान्हड़, सुन्हैड़ा आदि गांव शामिल हैं। डीपीआरओ नितिन कुमार ने आपत्ति का निस्तारण नहीं करने पर 13 सचिवों का वेतन रोक दिया है। ललित कुमार, कृष्ण यादव, दीपक मान, सतेंद्र कुमार, सतीश कुमार, विजित तोमर, कर्मवीर सिंह, उपदेश कुमार, अजय शर्मा, रोहित कुमार, मैमपाल सिंह आदि सचिवों को दो दिन में निस्तारण नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही उनका नवंबर माह का वेतन रोक दिया गया है।