बागपत: यूक्रेन से मां संतोष वर्मा से बात करता बेटा सागर वर्मा।
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मेट्रो स्टेशन में रहना पड़ रहा, भोजन के लिए बढ़ने लगी परेशानी
अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे के रहने वाले श्रीपाल वर्मा का पोता सागर वर्मा भी खारकीव में एमबीबीएस करने गया था। वह पिछले कई दिनों से मेट्रो स्टेशन में रह रहा है। सागर ने बताया कि पानी के लिए दस किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। भोजन तक के लिए अब परेशानी होने लगी है। खाने का सामान नहीं मिल रहा है। सागर ने बताया कि करीब 15 स्टेशनों पर साढ़े चार हजार से ज्यादा छात्र फंसे हुए है। वह किसी तरह अपने देश लौटना चाहते है।
रूस में रहने वाले छात्र भी चिंतित
युद्ध होने के बाद रूस में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र भी चिंतित है। चांदीनगर के रटौल के रहने वाले डॉ. शकील का पुत्र आतिफ अली रूस से एमबीबीएस कर रहा है। युद्ध के बाद से आतिफ अली भी परेशान है। आतिफ अली के चाचा हबीब खान लगातार वीडियो काल कर हाल चाल जानने में लगे है।
कई घंटों का सफर कर ट्रेन से हंगरी पहुंची अनुष्का
मेरठ रोड पर रहने वाले ओमबीर ढाका की बेटी अनुष्का ढाका पिछले कई दिन से ओडिसा में फंसी थी। अनुष्का ने बताया कि पहले वे सब बस से रोमानिया बॉर्डर जाने की शनिवार रात को तैयारी कर रहे थे। मगर, रोमानिया भी ज्यादा छात्र पहुंचने के कारण स्थिति ठीक नहीं है। इस कारण ही वह शनिवार रात में करीब दो बजे ट्रेन में सवार हुई और रविवार शाम को हंगरी पहुंची। अब वहां से फ्लाइट से भारत लौटने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए दूतावास में संपर्क कर रहे है।