दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित काठा गांव के पास बुधवार की सुबह कैंटर का टायर बदल रहे क्लीनर कादिर (21) को रोडवेज बस ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। कैंटर चालक और एक किशोर ने सड़क किनारे खाई में कूदकर अपनी जान बचाई।
असारा गांव निवासी यासीन पुत्र सलीमुद्दीन ने बताया कि उनका भतीजा कादिर, मुजफ्फरनगर के गांव कसेरवा निवासी सनव्वर के कैंटर पर हेल्पर (क्लीनर) था। मंगलवार रात सनव्वर कैंटर में मुजफ्फरनगर से सामान भरकर गाजियाबाद जा रहा था। कैंटर में सनव्वर के अलावा हेल्पर कादिर और किशोर शाहनवाज सवार थे। काठा गांव के पास उनका कैंटर खराब हो गया था।
बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे कादिर कैंटर का टायर बदल रहा था, तभेी बागपत की ओर से तेज गति से आई शामली डिपो की बस (यूपी11बीटी-6763) ने कादिर को कुचल दिया। सनव्वर और शाहनवाज ने सड़क किनारे खाई में कूदकर अपनी जान बचाई।
वहां पर मौजूद लोग कादिर को सड़क से उठाकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां पर चिकित्सकों ने उसे मृतक घोषित कर दिया। बस के चालक के खिलाफ कोतवाली पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कोतवाली अरुण कुमार द्विवेदी का कहना है कि आरोपी चालक को गिरफ्तार करने के प्रयास चल रहे हैं।
बस खाई में गिरने से बाल-बाल बची
लोगों ने बताया कि बस की स्पीड बहुत ज्यादा थी। बस ने पहले कादिर को कुचला। उसके बाद बस खाई में पलटने से बाल-बाल बची। इससे बस में सवार कई यात्री भी चोटिल हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कैंटर खराब होने के कारण वह रोड पर खड़ा था। कैंटर के कारण रोड पर कोई हादसा न हो, इसके लिए कैंटर सवार लोग पेड़ की टहनिया रोड पर डाल रहे थे। मृतक भी यहीं कार्य कर रहा था, तभी यह हादसा हुआ है।
यूपी-100 की खुली पोल, कॉल करते रह गए लोग
घटनास्थल पर पहुंचे लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद यूपी-100 पर करीब 10 बार कॉल की, लेकिन किसी ने भी फोन रिसीव नहीं किया। करीब आधा घंटे बाद कोतवाली पुलिस वहां पर पहुंची। उसके बाद कादिर को अस्पताल ले जाया गया। इसके विरोध में जमकर हंगामा किया गया।