गढ़ी कलंजरी में कार्यवाहक प्रधान पद को लेकर बुधवार को विकास खंड कार्यालय पर चुनाव नहीं कराया जा सका। आचार संहिता लगने पर डीपीआरओ ने चुनाव प्रक्रिया रोक दी। इस पर एक पक्ष के लोगों ने आरोप लगाते हुए हंगामा और प्रदर्शन किया। दूसरे पक्ष के लोगों ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है।
गौरतलब है कि गांव गढ़ी कलंजरी का प्रधान निर्दोष आपराधिक मामले में जेल में बंद है। इसके बाद गांव के विकास कार्यों को परवान चढ़ाने के लिए यहां कार्यवाहक प्रधान बनाया जाना है। ग्राम पंचायत सदस्य मनोज का कहना है कि उन्हें प्रधान नामित कर दिया गया था।
उधर, दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध करते हुए चुनाव कराने का मांग की। हंगामा बढ़ता देख डीपीआरओ उपेंद्र राज सिंह ने बुधवार को विकास खंड कार्यालय में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। दोनो पक्षों के सभी ग्राम पंचायत सदस्य बुधवार को कार्यालय पहुंचे। आचार संहिता के लगते ही डीपीआरओ ने चुनाव न कराने का बात कही। सुरेश पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष से साठगांठ कर चुनाव नहीं कराया गया है, जबकि सभी ग्राम पंचायत सदस्य पहुंच गए थे।
अलमुद्दीन, टीका यादव, तेज सिंह प्रधान, विजयपाल ठेकेदार, सौराज सिंह, मूलचंद महाशय, चमन प्रधान, बालकिशन, बुद्धराम, चंदरपाल ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। उधर, मनोज पक्ष के लोगों ने बताया कि डीपीआरओ ने कार्यवाहक प्रधान नियुक्त किया था। इसकी सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन दबाव में आकर निर्णय बदल दिया गया है।
मनोज पक्ष के पूर्व प्रधान रामचंदर, बिजेंद्र, कमल, सुरेंद्र, राजेंद्र, सतवीर, महावीर, सोनू, बलोरी यादव, प्रवीण, ओमी ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में पूछने पर डीपीआरओ उपेंद्र राज सिंह ने कहा कि आचार संहिता लगने के कारण प्रधान पद के दावेदारों का चुनाव नहीं कराया गया है। विधानसभा चुनाव के खत्म होने के बाद प्रधान का चुनाव कराया जाएगा।