मेरठ हाइवे के अलावा देहात के मार्गों में गड्ढे बनेंगे किसानों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गन्ने का सीजन शुरू होने वाला है। चीनी मिलों में नए पेराई सत्र की तैयारियां शुरू हो चुकी है। इस बार किसानों को गन्ने की ढुलाई के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मेरठ-बागपत हाईवे निर्माणाधीन है, जिससे किसानों को गन्ने की ढुलाई में दिक्कत आएगी। इसके अलावा देहात क्षेत्र के मार्गों जर्जर हो गए हैं। मार्गों में बने बड़े-बड़े गड्ढे किसानों के लिए मुसीबत बन सकते है। मार्ग जर्जर होने के कारण गन्ने की ढुलाई के दौरान हादसों का खतरा बढ़ जाएगा।
केस एक: मेरठ-बागपत मार्ग से जिले के अलावा अन्य जनपदों की मिलों पर गन्ने की सप्लाई की जाती है। मार्ग निर्माणाधीन है, जिसके कारण इस बार किसानों को गन्ने की ढुलाई में परेशानी आएगी। इस मार्ग पर बसे 20 से अधिक गांव के लोग गन्ने की सप्लाई बागपत चीनी मिल और उसके तौल केंद्रों पर करते हैं।
केस दो: अमीनगर सराय से हिसावदा मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए है। हिसावदा गांव के समीप तो पुलिया भी टूटी पड़ी है। टूटी पुलिया के कारण कई बार हादसे भी हो चुके है। गन्ने की ढुलाई के दौरान किसानों को परेशानियों से जूझना पड़ सकता है।
केस तीन: निरपुड़ा-भड़ल से दाहा मार्ग की हालत खस्ता है। मार्ग से पैदल निकला भी दूभर है। ऐसे में गन्ने की सप्लाई करने वाले किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
केस चार: मुलसम-झुंडपुर मार्ग मार्ग जर्जर हो गया है। लोगों को मार्ग से निकलना दूभर है। मार्ग से गन्ने की ढुलाई करने वाले किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
केस पांच: कंडेरा से रमाला मार्ग की काफी दिनों से मरम्मत न होने के कारण बड़े-बड़े गड्ढे बन गए है। गड्ढों के कारण आए दिन हादसे होते रहते है। गन्ना ढुलाई के दौरान किसानों को परेशानियों से जूझना पड़ेगा।