बागपत। रालोद-सपा गठबंधन में बड़ौत व छपरौली के प्रत्याशियों की घोषणा के बाद जहां खींचतान खत्म हो गई है। वहीं, दोनों सीटों से टिकट के लिए सबसे ज्यादा दावेदार होने के कारण विरोध का डर भी सताने लगा है। इसलिए टिकट घोषणा से पहले सभी दावेदारों से साफ कर दिया कि यदि कोई प्रत्याशी का विरोध करेगा तो उसके लिए रालोद के रास्ते हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे।
रालोद-सपा गठबंधन के अधिकतर प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी छपरौली व बड़ौत सीट पर काफी मंथन चल रहा था। इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि दोनों ही सीटों पर टिकट के दावेदारों की लंबी सूची थी। बड़ौत सीट से टिकट के लिए जहां करीब 14 दावेदार थे, वहीं छपरौली सीट से करीब 10 जोरआजमाइश कर रहे थे। इस तरह दावेदारों की सूची लंबी होने से प्रत्याशी घोषित करने के बाद विरोध का डर खुद रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह को सता रहा था। इसलिए ही दोनों सीटों के सभी दावेदारों को दिल्ली अपने आवास पर बुलाकर बातचीत कर जहां भावनात्मक रुख अपनाया। वहीं, दिल्ली जाने वाले टिकट के दावेदारों ने बताया कि चौधरी जयंत सिंह ने साफ कर दिया कि अगर कोई प्रत्याशी का विरोध करता है तो रालोद के रास्ते उसके लिए हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे। चौधरी जयंत सिंह की इस चेतावनी के बाद भी प्रत्याशियों को लेकर अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है और सोशल मीडिया तक पर इसको लेकर लोग सक्रिय हो गए हैं।