बागपत में पूर्व विधायक डॉ अजय कुमार के नेतृत्व में रालोद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। 15 सूत्रीय ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम कलक्ट्रेट प्रभारी को सौंपा। जिसमें सभी का समाधान करने की मांग की गई। पूर्व विधायक ने 28 नवंबर से बड़ौत में आमरण अनशन की चेतावनी दी।
कलक्ट्रेट में सोमवार को विभिन्न समस्याओं को लेकर रालोद कार्यकर्ता एकत्र हुए। वक्ताओं ने नोटबंदी पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। फैसले को जल्दबाजी का बताया गया। उन्होंने रबी की बुआई को देखते हुए बैंकों में ढाई लाख रुपये की निकासी, बैंकों में किसानों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था, शादी के लिए परिवार को पांच लाख रुपये, अस्पताल और विद्यालयों में पुराने नोट मान्य कर अस्थाई बूथ बनाए जाए, कृषि उपकरणों की खरीददारी में पुराने नोट मान्य, सरकारी एजेंसी द्वारा फसलों की खरीद की जाए, कृषि ऋण माफ और वसूली छह माह के लिए स्थगित हो, बिजली, पानी और गृह शुल्क माफ किए जाए, सहकारी बैंकों और समितियों में भी पुराने नोट लिए जाए।
मलकपुर मिल पर 250 करोड़ रुपया बकाया है। सरकार मिल को अधिग्रहण कर बकाया गन्ना भुगतान और शुगर मिल के क्रय केंद्र स्थापित कराए जाए। गन्ने का 25 रुपये मूल्य बढ़ाना किसानों के लिए नाकाफी है, 300 रुपये का गन्ना पैदा करने में खर्च हो रहा है। गन्ने का दाम 400 रुपये किया जाए। अपराध बेकाबू हो गया है, जिस पर रोक लगनी चाहिए। हरियाणा-यूपी यमुना सीमा विवाद को खत्म किया जाए। मांगों को लेकर रालोद कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया।
राष्ट्रपति के नाम डीएम हृदय शंकर तिवारी को ज्ञापन सौंपा। रालोद कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जल्द किसानों का गन्ना भुगतान नहीं किया गया तो 28 नवंबर से अनशन की चेतावनी दी। जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना, जिपं सदस्य प्रदीप ठाकुर, प्रमेंद्र सिंह, मुनेश बरवाला, सुभाष चौधरी, ओमबीर ढाका, विक्रम राणा, ब्रहमपाल तोमर, प्रमोद कुमार तोमर, महेंद्र सिंह डागर, मनोज तोमर, अरुण तोमर, सतीश चौधरी, सोमपाल राठी मौजूद रहे।