बागपत ::::::::: दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए की जा रही निशानदेही का विरोध करते बिजरौल गांव क?
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दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर
बिजरौल गांव में किसानों ने किया विरोध, उचित मुआवजे की मांग पर अड़े
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। बिजरौल गांव में मंगलवार को निशानदेही करने पहुंचे दिल्ली-देहारादून इकनॉमिक कॉरिडोर बनाने वाली कंपनी के कर्मचारियों का किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने विरोध किया। उचित मुआवजे की मांग की। किसानों के न मानने पर कर्मचारियों को लौटना पड़ा।
मंगलवार को दिल्ली-देहारदून इकनॉमिक कॉरिडोर को बनाने वाली कंपनी के कर्मचारी और ठेकेदार बिजरौल गांव मेें जेबीसी मशीन लेकर निशानदेही के लिए पहुंचे थे। इसकी सूचना पर किसान संघर्ष समिति दिल्ली-देहारादून इकनॉमिक कॉरिडोर के जिलाध्यक्ष सौराज और सचिव सतेंद्र राठी भी कुछ किसानों और समिति सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचे और टीम का विरोध किया। कहना था कि जब तक उन्हें वर्ष 2022 के सर्किल रेट के आधार प जमीन का मुुआवजा नहीं मिलेगा, काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। कंपनी के अधिकारी वर्ष 2016 के हिसाब से जमीन का मुआवजा देने की बात कर रहे है, जो अनुचित है। विरोध करने वालों में आजाद राठी, वेद सिंह, सचिन राठी, संजीव, प्रमोद, मन्नू, वेद सिंह, राजीव, सतेन्द्र, आजाद शामिल रहे।