फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दस्तावेजों के फेर में फंसी 4000 किसानों की सम्मान निधि

विज्ञापन
बड़ौत में राजकीय बीज भंडार पर योजना का लाभ न मिलने पर हंगामा करते किसान - फोटो : BARAUT
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)। बड़ौत ब्लाक के करीब 4000 हजार किसानों को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अफसर इसके पीछे किसानों के कागजात की खामियों को कारण बता रहे है। किसान सम्मान निधि से वंचित कई गांवों के किसानों ने बृहस्पतिवार को राजकीय बीज भंडार पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उनकी कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को बुढ़पुर, जिवाना, कासिमपुर खेड़ी, बावली, मलकपुर आदि गांवों के किसान राजकीय बीज भंडार पर पहुंचे और हंगामा किया। किसानों का कहना था कि स्थानीय अधिकारियों व तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान सम्मान निधि योजना के लिए दो-दो बार संबंधित लेखपाल व कृषि विभाग के कर्मचारियों को कागजात दिए जा चुके है, लेकिन एक बार भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया। किसानों ने जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में सुधीर, महक सिंह, राजवीर, सोमपाल, हरवीर, तेजपाल, अमरपाल, हरेंद्र शामिल रहे।
क्या कहते है किसान
दो बार जमा कर चुका हूं कागज
बूढ़पुर गांव के किसान हरिपाल का कहना है कि योजना का लाभ लेने के लिए चार माह से विभागीय दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। दो बार कागजात भी जमा करा चुका है, लेकिन योजना का लाभ नही मिल पा रहा है और न ही संतोष जनक उत्तर दिया जा रहा है।
विज्ञापन

किसानों को नहीं दी जा रही जानकारी
बड़ौत। किसान प्रदीप जिवाना का कहना है कि दफ्तरों पर किसानों को गुमराह किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी नहीं किया जा रहा है। इस कारण बहुत से किसान योजना का लाभ लेने से वंचित है। कई बार कागजात जमा करने के बावजूद एक बार भी किस्त नहीं मिली है।
ये आ रही दिक्कत
- फार्म के साथ संग्लन बैंक खाता नंबर ज्यादातर गलत मिल रहा है।
- जांच के दौरान कई किसानों के आधार नंबर गलत मिले है।
किसानों को किया जा रहा जागरूक
बड़ौत ब्लाक के 5000 हजार किसानों को योजना का लाभ दिया गया है। करीब 4000 हजार किसान ऐसे है, जिनके कागजात में खामियां है या फिर किसान आधार कार्ड व बैक पास बुक की कॉपी नहीं दे पाएं। ऐसे किसानों को जागरूक किया जा रहा है। - नरेशपाल, एडीओ रक्षा कृषि।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें