मानसून ने दस्तक दे दी है। बावली और गौरीपुर मोड़ पर जाम रहा। छपरौली में पशु चिकित्सा केंद्र की छत गिर गई। दोघट क्षेत्र में बकरी की करंट से मौत हो गई। वाहन फिसलने के कारण भी कई हादसे हुए। चांदीनगर क्षेत्र में गौणा गांव में मिट्टी धंस गई, इसमें घोड़ा-बुग्गी फंस गई। ग्रामीणों ने काफी प्रयास करके घोड़ा-बुग्गी को निकाला।
बृहस्पतिवार को बादल खूब बरसे। मौसम विज्ञान विभाग ने 20 मिमी बरसात रिकॉर्ड की। सुबह से ही आसमान में बादल छा गए थे। दोपहर के समय बारिश हुई। दिनभर बादल छाए रहे। लोगों को गर्मी सें राहत मिल गई। किसानों को भी इस बारिश से लाभ हुआ है।
छपरौली में पशु चिकित्सा केंद्र की छत गिर गई। बरसात के दौरान यह हादसा हुआ। केंद्र पर डॉ. संदीप कुमार पशुओं का उपचार कर रहे थे। ग्रामीण नवाजिश खान, नौशाद, सरफराज, सोमा कश्यप और जगबीर सिंह ने कहा पशु का उपचार कर डॉक्टर कुछ ही मिनट पहले भवन से बाहर निकले थे। यदि चिकित्सक भवन में होते तो हादसा हो सकता था।
गोणा गांव में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के लिए बनाए अंडर पास की बगल से गुजर रही एक घोड़ा-बुग्गी फंस गई। इसमें छह लोग सवार थे। अंडर पास में पानी भरा होने से लोगों को परेशानी हुई। बाद में ट्रैक्टर मंगाकर बुग्गी को निकलवाया।
दोघट के मैन बाजार में स्थित लोहे के विद्युत पोल में करंट उतर गया। इससे पोल की चपेट में आने से बकरी की मौत हो गई जबकि बकरी मालिक शरीफ बाल बाल बचा। इससे नाराज लोगों ने विद्युत निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया और मुआवजा मांगा। कुलदीप, साबुदीन, मनीष, लक्ष्मीकांत, पीतम, पाल्लेराम, कैलाश, फरीद, राजेंद्र, चंद्र, मदन, शरीफ आदि रहे।
उधर, बरसात के कारण कई हादसे भी हुए। बामनौली और पुसार के बीच सड़क दुर्घटना में दाह पशु प्रसार अधिकारी डॉ. रामपाल सिंह बाइक फिसलने से घायल हो गए। बावली गांव में दिनभर जाम की स्थिति रही। सड़क के गड्ढों मेें पानी भर गया। यहां वाहन फंसे रहे। गौरीपुर मोड़ पर भी जाम रहा।
खेकड़ा में बुधवार की रात्रि एवं बृहस्पतिवार को दिन के समय रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। किसानों की खेतों में खड़ी फसलें लहलहा उठी। किसान बारिश को लाभदायक बता रहे हैं। साथ ही मार्गों पर हुए जलभराव से लोगों को आवागमन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा।