- अब कॉमन सर्विस सेंटरों के जरिए करना होगा आवेदन
- इसके बाद प्राविधिक अधिकारी किसान के आवेदन की करेंगे जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। कोरोना संक्रमण और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के आवेदनों में पारदर्शिता बरतने के लिए नई व्यवस्था की गई है। अब कॉमन सर्विस सेंटर के जरिये किसान आवेदन करेंगे। इसके बाद प्राविधिक अधिकारी किसानों के आवेदन की जांच करेंगे। पात्रता मिलने पर सम्मान निधि की किश्त जारी की जाएगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पहले उप कृषि निदेशक कार्यालय पर आवेदन किए जा रहे थे। मगर, कोरोना संक्रमण के कारण व्यवस्था बदल दी गई है। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि नई व्यवस्था शासन ने लागू की है। अब कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आवेदन मांगे जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण पर एहतियात के लिए यह कदम उठाया गया है, दूसरा यह कि पारदर्शिता बढ़ेगी। जिससे एक किसान का एक ही आवेदन विभाग तक आएगा और जांच में अधिक समय नहीं लगेगा। पात्रता मिलने पर किसान सम्मान निधि जारी की जाएगी।
अपात्र किसान खुद लौटा रहे निधि
बागपत। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि भूमि हीन, समूह घ को छोड़कर सरकारी नौकरी कर रहे व्यक्ति, आयकर दाता, संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति, पेंशनर, जिनकी पेंशन दस हजार प्रति माह से अधिक होते हुए भी योजना का लाभ ले लिया है, उन्हें सम्मान निधि वापस करनी होगी। शासन के निर्देश जारी करते ही किसान खुद ही निधि की रकम वापस कर रहे हैं। किसानों का यह सराहनीय कदम है।
इस तरह किसानों ने लिया लाभ
किश्त किसान
पहली 1,05072
दूसरी 98,899
तीसरी 94,128
चौथी 72,778
पांचवीं 62,662
छठी 47.469
सवा लाख किसानों को मिला लाभ
बागपत। जिले में अब तक एक लाख 41 हजार किसान पंजीकृत किए गए हैं। इनमें किसान सम्मान निधि और अन्य योजनों का लाभ लेने वाले किसान भी है। अब तक की जांच में एक लाख 25 हजार 386 किसान पात्र मिल चुके हैं।