बागपत। गांवों में विकास कार्य कम तथा उनके नाम पर खेल खूब किया गया है। यहां अब डीपीआरओ के निरीक्षण में नवादा व फिरोजपुर गांव में विकास कार्यों में गड़बड़ी मिली है। दोनों गांवों में 21 लाख 89 हजार रुपये का दुरुपयोग किए जाने की बात सामने आई है। नवादा में एक लाख 51 हजार 197 रुपये तो फिरोजपुर में बीस लाख 38 हजार 256 रुपये का दुरुपयोग हुआ है। डीपीआरओ ने प्रधान व ग्राम सचिव से रिकवरी करने तथा सभी कार्यों के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही दस्तावेज नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीपीआरओ बनवारी सिंह ने फिरोजपुर गांव का निरीक्षण किया था। उनके अनुसार सामुदायिक शौचालय में पानी की उचित व्यवस्था तथा सफाई नहीं मिली। इसके बावजूद केयर टेकर पूनम को तीन माह का नियम विरुद्ध भुगतान कर दिया गया। इस तरह 27 हजार रुपये का दुरुपयोग किया गया। प्राथमिक विद्यालय नंबर एक पर छत डलवाने व प्लास्टर का कार्य ई-स्वराज पर दर्शाया गया, जबकि वहां कार्य नहीं हुआ है। उस पर चार लाख 84 हजार 254 रुपये खर्च किए गए। स्कूल में मिट्टी भराव, शौचालय, इंटरलाकिंग ई-स्वराज पर पुष्टि हुई। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि वहां कोई कार्य नहीं हुआ है। इन पर एक लाख 63 हजार 389 खर्च दिखाया गया है। विद्यालय में दिव्यांग शौचालय निर्माण कार्य ई-स्वराज पर दर्शाया गया।
ग्रामीणों के अनुसार वहां शौचालय पर कोई कार्य नहीं हुआ और 47880 रुपये खर्च दर्शाया गया। प्राथमिक विद्यालय दो में मिट्टी भराव, शौचालय, इंटरलाकिंग पर चार लाख 16 हजार 828 खर्च दिखाया। हालांकि वहां मिट्टी भराव नहीं हुआ। इसमें एक लाख 12 हजार 365 का दुरुपयोग किया गया। हैंडपंप रिबोर नहीं हुआ। उस पर 65 हजार 955 रुपये, सफाई के नाम पर 56 हजार 100, डस्टबिन पर 70 हजार व बेंच कार्य पर 80 हजार 920 का दुरुपयोग किया। इसके अतिरिक्त हैंडपंप मरम्मत पर एक बार 56 हजार, दूसरी बार 18 हजार खर्च दर्शाकर दुरुपयोग किया गया। विभिन्न स्थानों पर इंटरलॉकिंग पर आठ लाख 56 हजार 393 रुपये खर्च दर्शाए हैं। यह सरासर दुरुपयोग है। डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान हरिओम त्यागी व पंचायत सचिव कृष्ण कुमार तोमर से रिकवरी करने व अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
ऐसे दर्शाया धनराशि का दुरुपयोग
डीपीआरओ के अनुसार नवादा गांव में निरीक्षण के समय काफी अनियमितता मिली हैं। हैंडपंप मरम्मत पर 7200 रुपये, ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में रंगाई-पुताई पर 19 हजार 887 रुपये व्यय किया गया है। इसके बाद फिर से 19 हजार 560 का भुगतान कर दिया गया। वहीं, प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार उक्त कार्य स्कूल निधि से कराने की बात कह रहे हैं। वहीं, चुनाव व्यय पर 4850 रुपये खर्च किया, जिसका कोई औचित्य नहीं है। वाटर कूलर पर 99 हजार 700 रुपये खर्च किया गया, जिसका प्रयोग नहीं हो रहा है। वह शो पीस बना है। डीपीआरओ ने प्रधान विनोद कुमार व पंचायत सचिव नितिन शर्मा से रिकवरी करने व अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।