बताया कि 23 जुलाई को दोनों उसे ग्राम गढ़ी ले गए। वहां पर उसे शराब पिलाई। शराब पीते ही रविंद्र उन्हें गाली देने लगा। इस पर दोनों से उसे और अधिक शराब पिलाई। उसके पूरी तरह नशे में धुत्त होने के बाद बाइक पर बैठाकर किनौनी मिल के पीछे हिंडन नदी में धक्का दे दिया। इससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद बाइक को भलसोना के पास नाले में फेंक दिया।
तलाश के बाद भी नहीं मिला शव
दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने उनसे हत्या में प्रयुक्त बाइक बरामद की। साथ ही रविंद्र के शव की तलाश के लिए हिंडन में गोताखोर लगाए, लेकिन सफलता नहीं मिली। बताया कि बोहला चौकी इंचार्ज बृजेश देवल अपनी टीम के साथ हिंडन में रविंद्र के शव की तलाश अभी भी कर रहे हैं। उधर, रविंद्र की हत्या की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। महिलाओं व युवतियों का रोते हुए बुरा हाल हो रहा था।
छह साल पहले बनाई थी योजना
कोतवाल के मुताबिक, दोनों हत्यारोपियों ने बताया कि गाली-गलौज से तंग आकर तकरीबन छह साल पहले भी रविंद्र की हत्या की साजिश रची थी। मगर, उस दौरान उसकी बराबर में पड़ी चारपाई पर सो रहे ब्रह्मपाल को रविंद्र समझकर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में नगेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था।