लखनऊ से पुष्टि कराने पर खुला फर्जीवाड़ा
स्वास्थ्य विभाग में ज्वॉइन करने के लिए सभी फर्जी स्टाफ नर्स खुद ही अपना ऑफर लेटर लेकर आई थी। विभाग ने उस समय जांच करने की जगह उनको सीधा ज्वॉइन करा दिया। मगर, एक स्टाफ नर्स के कागज फर्जी होने का शक हुआ तो सभी के बारे में लखनऊ से पुष्टि कराई गई। वहां से बताया गया कि उनके यहां से किसी को ऑफर लेटर नहीं दिया गया है। तब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ था।
तीन महीने तक करती रही ड्यूटी, वेतन भी लिया
संविदा स्टाफ नर्स राखी, साक्षी, वंदना प्रियदर्शनी, रेनू, उर्मिला, मोनी भारद्वाज, सायरा बानो, अलका वर्मा, अनीता कुमारी, इंदु, वंदना देवी, अंजू समेत 14 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इनमें कोई दो महीने तक नौकरी करती रही तो किसी ने तीन महीने तक नौकरी की। इन सभी को विभाग से वेतन भी जारी होता रहा। जब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो उसके बाद कार्रवाई की गई।