बागपत। गैंगस्टर एक्ट के मामले में कोर्ट ने एक अपराधी को दोषी मानते हुए पांच साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट राहुल नेहरा ने बताया कि बालैनी थाने में वर्ष 2010 में तत्कालीन थानाध्यक्ष गुरुचरण सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था कि रविंद्र, लोकेंद्र, जस्सू उर्फ जसवीर व पाते उर्फ साहब सिंह निवासीगण मवीकलां ने गिरोह बनाया हुआ है। यह लोगों को धमकाकर भय का माहौल पैदा करते है और इस गिरोह का सरगना लोकेंद्र है। इसलिए इन पर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इसमें रविंद्र की फाइल अलग हो गई, जिसकी सुनवाई विशेष गैंगस्टर न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार सिंह कर रहे थे। इसमें रविंद्र को दोषी मानते हुए पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई और पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक सप्ताह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।