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पुरातत्व का दुर्लभ खजाना मौजूद है शहजाद राय शोध संस्थान में- योगानंद शास्त्री

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बड़ौत। दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं इतिहासकार डॉ. योगानंद शास्त्री एवं वरिष्ठ पुराविद विरजानंद ने सोमवार को शहजाद राय शोध संस्थान का दौरा किया। वहां संग्रहीत दुर्लभ पांडुलिपियों, प्राचीन मुद्राओं एवं ताम्र युगीन अस्त्र-शस्त्रों का अवलोकन किया।
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यहां योगानंद शास्त्री ने कहा कि बड़ौत जैसे ग्रामीण पृष्ठभूमि के कस्बे में विश्व स्तर का दुर्लभ पुरातात्विक वस्तुओं का संग्रह बहुत अहम है। वास्तव में शहजाद राय शोध संस्थान पुरातत्व प्रेमियों के लिए तीर्थ समान है। उनके साथ आए देश के वरिष्ठ प्राचीन लिपि विशेषज्ञ गुरुकुल झज्जर संग्रहालय के निदेशक विरजानंद देवकरनी ने भी संस्थान में संग्रहीत ताम्र युगीन सभ्यता के अस्त्र-शस्त्रों के प्रकार एवं दुर्लभता के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि विश्व भर में किसी निजी संस्थान के पास इतना बड़ा संग्रह कहीं पर भी नहीं है। इस अवसर पर संस्थान के प्रबंध समिति के संस्थापक सुरेश चंद जैन, प्रबंध न्यासी अनुराग जैन, संस्थान के निदेशक डॉ. अमित राय जैन, डॉ. आंचल जैन ने शॉल भेंटकर अतिथियों का सम्मान किया।
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