चीनी मिल में मजदूरों के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ने लगा है। रविवार को सिसाना गांव में राजपूत समाज की पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि आरोपियों का चाचा रालोद नेता है, जो भतीजों की गलती पर चुप है। उन्हें पंचायत में आकर समाज के सामने गलती को स्वीकार करना चाहिए। तीन दिन में अगर रालोद नेता सिसाना नहीं पहुंचे तो रालोद नेता का बहिष्कार कर दिया जाएगा।
सात फरवरी को शुगर मिल में शीरे का गड्ढा खोदने को लेकर विवाद हो गया था। रालोद नेता के भतीजे ने सिसाना गांव के सुरेंद्र और सचिन के साथ मारपीट करते हुए घायल कर दिया था। जेसीबी मशीन में तोड़फोड़ और जान से मारने धमकी भी दी गई थी।
पीड़ितों ने थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया। रविवार को सिसाना स्थित शिव मंदिर चौपाल पर राजपूत समाज के लोगों की पंचायत हुई, जिसमें कई गांवों के लोगों ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के लोग हमेशा चुनाव में रालोद नेता के साथ रहे है।
उनका भतीजा गांव के लोगों के साथ मारपीट करता है और रालोद नेता बोलने को तैयार नहीं है। घटना के बाद भी लगातार पीड़ितों को ही धमकी देता है। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे नेता का बहिष्कार कर दिया जाएगा।
अंतिम फैसले के लिए पंचायत में 15 लोगों की समिति बनी। निर्णय लिया गया कि रालोद नेता ने तीन दिन के अंदर अपने भतीजे के साथ गांव पहुंचकर पीड़ितों से माफी और जेसीबी में तोड़फोड़ का हर्जाना नहीं दिया तो उनका बहिष्कार किया जाएगा।
पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा। अध्यक्षता राजपूत समिति के अध्यक्ष विजय फौजी और संचालन मास्टर रमेशचंद कुशवाह ने किया। सुनील प्रधान, भूपेंद्र चौहान, अशोक चौहान, प्रताप चौहान, रुपेंद्र, डब्बू चौहान, ओमपाल, शिवकुमार, देवेंद्र, प्रदीप, सुधारस और जितेंद्र मौजूद रहे।'
पंचायत में आरोपी के भाई ने खेद जताया
बागपत। पंचायत की जानकारी मिलते ही रालोद नेता का एक भतीजा (आरोपी का भाई ) नीरज सिंह पंचायत में पहुंचा। उसने भाई की ओर से की गई मारपीट पर खेद जताया। लेकिन, समाज के लोग रालोद नेता को ही बुलाने पर डटे रहे।