बागपत। रुक-रुककर हो रही बारिश और हवा से ठिठुरन बढ़ गई है। सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया, मगर राहत नहीं मिली। बारिश से नगर के मार्गों पर कीचड़ होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। बारिश और सर्दी के कारण नगर में मुख्य मार्गों और बाजारों में लोगों की आवाजाही काफी कम रही। बारिश के कारण फसलों में कीट लगने की आशंका बढ़ गई है। सबसे अधिक नुकसान सरसों, आलू और हरी सब्जी की खेती में होने की आशंका है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बारिश से फसलों में बीमारी लगने से किसानों को नुकसान हो सकता है।
यहां शुक्रवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। यह रविवार सुबह तक जारी रही। इसके साथ ही हवा से ठंड का अहसास होता रहा। इस कारण अधिकतर तापमान 14 व न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया, लेकिन इससे भी राहत नहीं मिली। बारिश और सर्दी होने के कारण लोग घरों में दुबके रहे और जरूरी कामों के लिए ही बाहर निकले। बारिश से नगर के मार्गों और बाजारों में कीचड़ होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश होने से गेहूं, सरसों, आलू के अतिरिक्त हरी सब्जी जैसे खीरा, लोकी की सब्जी में नुकसान होने की आशंका है।
फसलों में रोग लगने का खतरा बढ़ा
लगातार हो रही बारिश से फसलों में रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। गेहूं, सरसों और आलू के अतिरिक्त हरी सब्जी की फसलों में नुकसान होने की आशंका है। कृषि वैज्ञानिक संदीप चौधरी का कहना है कि लगातार बारिश होने से गेहूं का ब्यात कम हो जाता है। सरसों में फंगस और आलू में झुलसा रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। हरी सब्जी जैसे मिर्च, खीरा, लोकी में जलभराव होने से बेल और फूल खराब हो जाता है।
बारिश से गन्ने की छिलाई और तौल बंद
दोघट। क्षेत्र में दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। खेतों एवं गन्ना क्रय केंद्रों पर जलभराव होने से गन्ने की छिलाई और तौल बंद हो गई है। किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने में परेशानी हो रही है। बारिश से साथ हवा चलने से फसलें गिर गई हैं। गांव देहात में जलभराव होने से गलियों में कीचड़ हो गई है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संवाद