नगर निगम में धरना देते सफाई कर्मचारी
सहारनपुर। सरकारी मकान खाली करने के नगर निगम के नोटिसों से नाराज सफाईकर्मियों ने नगर निगम में दरी डालकर धरना और प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि उन्हें जबरन निकाला गया तो वह आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
जनता रोड स्थित वाल्मीकि बस्ती में अनेक सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं। 16 सितंबर को नगर निगम ने इन परिवारों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि आप नगर निगम के मकानों में रह रहे हैं और पेंशन भी प्राप्त कर रहे हैं।
आपका नगर निगम के मकानों में जबरन रहना नियम विरुद्ध है। नगर निगम ने 15 दिन के अंदर कमरे खाली करने को कहा है। अन्यथा कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। नगर निगम द्वारा जारी किए गए नोटिस से सफाईकर्मियों में नाराजगी है, जिसे जताने के लिए उन्होंने बुधवार को नगर निगम परिसर में धरना और प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव आजाद वाल्मीकि ने कहा कि जनता रोड स्थित कॉलोनी में परिवार 65 वर्षों से रह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई दशक पूर्व हरिजन कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश ने यह कहा था कि अनुसूचित जाति के सफाईकर्मियों को जमीन और भवन उपलब्ध कराते हुए स्वामित्व का अधिकार दिया जाए, लेकिन तत्कालीन नगर पालिका और मौजूदा नगर निगम ने ऐसा नहीं किया। बल्कि किराया वसूला जा रहा है। 1996 में तत्कालीन नगर पालिका परिषद बोर्ड द्वारा जनता रोड वाल्मीकि बस्ती मं भवनों के संबंध में एक प्रस्ताव पास किया था, जिसमें कर्मचारियों को स्वामित्व का हक देने की बात कही गई थी।
उन्होंने मांग रखी कि बोर्ड के प्रस्ताव और शासनादेश के अनुसार कर्मचारियों को स्वामित्व का अधिकार दिया जाए।