बड़ौत (बागपत)। किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर छपरौली में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा से बड़ौत तहसील तक पदयात्रा निकाली। विद्युत अधिकारियों, गन्ना समिति के सचिव की एसडीएम की मौजूदगी में वार्ता की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में समस्याआें का हल नहीं निकला, कार्यकर्ता आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बृजपाल सिंह के साथ कार्यकर्ता शुक्रवार को छपरौली में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर एकत्र हुए। यहां से पदयात्रा शुरू की, जो नंगला, सिनौली, लोयन, मलकपुर होते हुए बड़ौत तहसील पहुंची। सभी ने एसडीएम राम नैन सिंह को ज्ञापन दिया। इस दौरान एक्सईएन प्रथम भोपाल सिंह, एक्सईएन द्वितीय एसके निर्भय, गन्ना विकास समिति के सचिव सचिन, तहसीलदार प्रदीप कुमार और नायब तहसीलदार धर्मेंद्र की मौजूदगी में वार्ता शुरू हुई। किसानों ने विद्युत दराें में की गई वृद्धि को वापस लेेने, गन्ने का भुगतान 14 दिन में कराने, बकाया भुगतान भी दिलाने की मांग की। अगैती प्रजाति से सामान्य में की गई बेहतर रिकवरी वाली प्रजाति का गन्ना खरीदा जाएं। घटतौली पर भी रोक लगाने की मांग की। करीब एक घंटे तक विचार विमर्श चला। अधिकारियों ने कहा कि अधिकतर मांगे शासन स्तर की है उन्हें शासन को भेजा जाएगा। जैसी वहां से कार्रवाई होगी, किसानों को सूचना दे दी जाएगी। इस पर किसान संतुष्ट नहीं हुए और कहा कि यदि एक सप्ताह में उन्हें जवाब नहीं मिला तो आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस अवसर पर विक्रम सिंह आर्य, बलजोर सिंह आर्य, ओमप्रकाश, वीरेंद्र तोमर, धीर सिंह, जगदीश, वीरसैन, चंद्र सिंह, विकास बाछौड़, रणधीर प्रधान, गौरव बड़ौत, सचिन छछरपुर, रणवीर सिंह, प्रवीण शर्मा, राज सिंह, महका आदि शामिल रहें।
प्रशासन रहा चुप
पदयात्रा को लेकर प्रशासन ने कोई स्वीकृति प्रदान नहीं की थी। इसके बावजूद किसानों ने पदयात्रा निकाली और तहसील में ज्ञापन भी दिया। इस संबंध में तहसीलदार प्रदीप कुमार का कहना था कि कानून व्यवस्था कहीं बाधित नहीं हुई, इसीलिए प्रशासन चुप रहा।