बालैनी (बागपत)। औरेया की बिधूना कोतवाली में तैनात महिला सिपाही शालू गिरि की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। मायके पक्ष के लोगों का कहना है कि शालू का उसके पति ने मानसिक उत्पीड़न किया। कानूनी कार्रवाई के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया जाएगा।
दत्तनगर गांव में महिला सिपाही के पिता गजेंद्र गिरि और मां सुमित्रा देवी ने कहा कि दोनों की खुशी के लिए शादी कराई गई थी। शादी के बाद ही शालू ने परिवार को कई बातें बताई थी, लेकिन इस पर मायके पक्ष के लोग उसे ही समझाते रहे। आत्महत्या से तीन दिन पहले शालू ने पति के पास कॉल की थी। तब भी विवाद हुआ था। आरोप है कि शिक्षक पति ने उसे समझाने के बजाए डांट दिया। सुमित्रा ने बताया कि औरेया जाकर बृहस्पतिवार को पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
बालैनी। महिला सिपाही का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार देर रात परिजन शव लेकर पहुंचे। बुधवार अलसुबह अंतिम संस्कार किया गया। गांव में गम का माहौल है।
क्या था मामला
बालैनी। बिधूना कोतवाली में तैनात शालू गिरि मार्च महीने में अपने गांव दत्तनगर आई थी। यहीं पर वह लॉकडाउन में फंस गई। फैजाबाद में तैनात शिक्षक राहुल गिरि भी लॉकडाउन के कारण घर आया हुआ था। दोनों परिवारों का पहले से ही आना जाना था। राहुल और शालू के बीच नजदीकियां बढ़ी। लॉकडाउन में बिधूना नहीं लौट पा रही थी, जिस कारण उसे विभाग की ओर से बालैनी में ही ड्यूटी दे दी गई। शालू ने नौ किमी दूर गांव से रोजाना आवागमन के बजाए बालैनी में थाने के पास ही कमरा किराए पर ले लिया था। कुछ दिन बाद ही राहुल और शालू ने अपने परिजनों से शादी की इच्छा जताई। इसके बाद दोनों का बालैनी में लिए गए कमरे में ही 26 अप्रैल को विवाह कर दिया गया था। नवदंपति इसी कमरे में रहा। तीन मई को शालू को बालैनी थाने से रिलीव कर दिया गया था और पांच मई को उसने वापस बिधूना कोतवाली में ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी। इसके बाद शालू ने आत्महत्या कर ली।