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Baghpat News: बचपन में हवाई जहाज देखकर उसे उड़ाने की अब पूरी हुई आस

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बागपत। नौसेना में पहली महिला फाइटर पायलट बनने वाली हिसावदा गांव की बेटी आस्था पूनिया ने हवाई जहाज उड़ाने का सपना बचपन में देखा था। उस सपने को पूरा करने के लिए आस्था ने खूब मेहनत की और उसका ही नतीजा है कि अब उसने फाइटर पायलट बनकर इतिहास रच दिया। इस पर परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा देश गर्व कर रहा है।
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हिसावदा के रहने वाले अरुण पूनिया नवोदय विद्यालय में शिक्षक हैं और उनकी पत्नी संयोगिता भी शिक्षिका हैं, इसलिए उन्होंने गांव को काफी साल पहले छोड़ दिया था, मगर आस्था बचपन में गांव काफी आती थीं। यहां वह परिवार के भाई व बहनों के साथ खूब खेलती थीं। आखिरी बार वह वर्ष 2022 में आई गांव आई थीं। उसने अपने दादा बुद्ध सिंह से खूब बातचीत की।
उनके दादा बुद्ध सिंह बताते हैं कि बचपन में आस्था हवाई जहाज की आवाज सुनकर उसे देखने के लिए छत पर चली जाती या घर के बाहर सड़क पर आ जाती थी। वह हवाई जहाज को तब तक देखती रहती, जब तक वह आंखों से ओझिल नहीं हो जाता था। आस्था बचपन में कहती थी कि उसको हवाई जहाज उड़ाना है। तब उसकी बात को हर कोई बच्ची मानकर अनसुना कर देता था, मगर अब उसने अपना सपना पूरा करने के साथ ही हम सभी का नाम रोशन कर दिया है।
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आस्था की दादी रामबीरी कहती हैं कि उसका पढ़ाई में ज्यादा मन लगता था। उसको पहले से हवाई जहाज काफी पसंद थे। वह खिलौनों से काफी कम खेलती थी और कोई खिलौना लेती थी तो वह हवाई जहाज या गाड़ी होती थी। हम सभी को आस्था से उम्मीद थी कि वह एक दिन हमारा नाम रोशन करेगी और उसने यह करके भी दिखाया।

आस्था मेरी बड़े ताऊ की बेटी हैं। वह पढ़ाई में काफी अच्छी थीं और 16 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। वह गांव में आती थीं तो मुझे भी पढ़ाती थीं। गांव में मेरे साथ ही खेलने जाती थीं। मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि अब आस्था नौसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं और वह देश सेवा करेंगी।
-प्रियंका चौधरी, आस्था की बहन
आस्था मेरे बड़े ताऊ की बेटी हैं। आस्था और हम सभी भाई-बहन साथ खेलने खेत में जाते थे। मेरी बहन ने हमारे परिवार ही नहीं, बल्कि देश का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि की चर्चा शुक्रवार से गांव में हो रही है। अभिवन, आस्था का भाई
आस्था ने हमारा नाम रोशन कर दिया है। उसकी उपलब्धि की चर्चा पूरे देश में हो रही है। जिस तरह से आस्था को पढ़ाई करते हुए देखते थे, तभी लगता था कि यह एक दिन कामयाबी के शिखर पर पहुंचेगी। उसकी मेहनत के पीछे परिवार का बड़ा हाथ है और इससे सभी माता-पिता को यही सीखना चाहिए कि बेटियों को आगे बढ़ने के लिए खूब सहयोग करें।
-पवन पूनिया, ग्रामीण
आस्था की इस उपलब्धि से गांव व आसपास की बेटियां भी प्रोत्साहित होंगी। आस्था ने बेटियों के लिए नई राह खोल दी। अब आस्था के परिवार वालों से बात की जा रही है कि जल्द आस्था को गांव में बुलाकर सम्मानित किया जाए। गांव की बेटी ने देश नाम रोशन किया है। -अन्नु मलिक, ग्रामीण
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