बागपत। बेघर बनकर सरकार से रुपये लेने के पांच साल बाद भी 341 लाभार्थियों ने एक ईंट तक नहीं लगाई। इन सभी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए पहली किस्त के पचास हजार रुपये ले लिए थे जो अन्य कार्यों में खर्च कर दिए। अब इन सभी को नोटिस दिया गया और रिकवरी की तैयारी की जा रही है।
शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिला शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से मकानों का निर्माण कराया जाता है। इनमें गरीबी रेखा से नीचे वाले वह परिवार शामिल किए जाते हैं जिनके पास जमीन है और मकान नहीं है। इस योजना में यहां अभी तक 11,900 पात्रों के आवासों का निर्माण पूरा कराया जा चुका है, मगर यहां 341 लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने पहली किस्त के 50 हजार रुपये लेकर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया।
इनमें कई ऐसे भी लाभार्थी हैं, जिनको पांच साल पहले किस्त मिली थी। लोगों ने इस तरह भी किया कि पहली किस्त में कम रुपये होने के कारण उसको लेकर कार्य शुरू करा दिया और दूसरी किस्त के डेढ़ लाख रुपये लेकर आराम से बैठ गए। इसको लेकर शासन से रिपोर्ट मांगी गई तो इस तरह के लाभार्थियों के मकानों का निर्माण पूरा नहीं होने का खुलासा हुआ। अफसरों को जिम्मेदारी सौंपकर निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। ऐसा नहीं करने पर किस्त के रुपयों की रिकवरी के आदेश दिए गए हैं।
किस्त के रुपयों से स्कूल फीस जमा की और उपचार भी कराया
डूडा के कर्मियों ने किस्त लेकर मकान का निर्माण नहीं करने वालों की सूची तैयार करके उनसे संपर्क शुरू किया। लाभार्थियों के घर जाकर नोटिस भी दिए और मकान का निर्माण नहीं करने का कारण भी पूछा। इसमें कुछ लाभार्थियों ने कोरोना काल में बीमारी पर किस्त के रुपये खर्च होने तो कई ने बच्चों की स्कूल फीस जमा करने की बात कह दी। इसके अलावा शादी से लेकर अन्य कार्यों में भी रुपये खर्च होने का बहाना बनाया।
घर का सामान जरूरी हो गया था, वह लाना पड़ा
पुराने कस्बे के केतीपुरा में रहने वाले एक व्यक्ति ने मकान बनाने के लिए आवेदन किया। उसको पात्र होने पर तीन साल पहले पहली किस्त जारी हो गई। उसने अभी तक मकान नहीं बनाया तो उसने बताया कि घर में कुछ जरूरी सामान की जरूरत हो गई थी, इसलिए किस्त के रुपये से सामान ले आए। उसको जल्द मकान का निर्माण शुरू करने या रुपये जमा कराने की चेतावनी दी गई।
बीमारी में खर्च हो गए रुपये
बड़ौत के आजादनगर की रहने वाली एक महिला को आवेदन करने के बाद पात्र मिलने पर एक साल पहले किस्त जारी की गई। अभी तक मकान का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो उनसे कारण पूछा गया। उन्होंने बताया कि परिवार के सदस्य की बीमारी से हालत ज्यादा खराब हो गई थी। इसलिए उसमें रुपये खर्च हो गए और वह जल्द ही मकान का निर्माण शुरू करेंगी।
वर्जन-
जिन लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त लेकर मकान का निर्माण नहीं किया, अब उन्हें नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद भी मकान का निर्माण नहीं करने पर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। -अमरचंद वर्मा, एसडीएम बागपत।