बागपत/बड़ौत। विधानसभा चुनाव के चलते जहां लोग मतदान को लेकर उत्साहित नजर आए। वहीं, किसान और मजदूर रोजी-रोटी के जुगाड़ में खेत-खलिहानों में काम करते दिखे। उनका कहना है कि खेत का काम निपटाने के बाद गांव पहुंचकर मतदान करेंगे।
बृहस्पतिवार सुबह सात बजे मतदान शुरू होते ही केंद्रों पर भीड़ लगनी शुुरू हो गई। एक ओर जहां लोगों ने केंद्रों का रुख लिया वहीं दूसरी ओर किसान, मजदूर सुबह खेतों में काम करने चले गए। कोई खेतों में खुदाई करना नजर आया तो कोई पशुओं के लिए चारा काटता मिला। बरनावा में महिलाएं खेतों में काम करती मिलीं तथा तुगाना गांव में महिला सुनीता कोल्हू में पत्ती झोंकती मिलीं। सुरूरपुर के जंगल में किसान और मजदूर पशुओं के लिए चारा काटते मिले। खेतों में काम रहे किसानों और मजदूरों का कहना था कि वे पहले खेतों का काम निपटाएंगे और उसके बाद गांव पहुंचकर मतदान करेंगे।
बिना मास्क वोट डालते नजर आए
बागपत/बड़ौत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बूथों पर संक्रमण से बचाव के लिए कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कर कर्मचारी तैनात किए गए। मतदान करने के लिए आने वाले लोगों के लिए मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई। अधिकतर बूथों पर मास्क खत्म होने से लोग बिना मास्क मतदान करते नजर आए। किरठल, बसौद, निरौजपुर, बिलौचपुरा में मास्क खत्म होने पर लोगों ने बिना मास्क मतदान किया। इसके अतिरिक्त केंद्रों पर दस्ताने डालने के लिए डस्टबिन की भी व्यवस्था नहीं कराई गई। कर्मचारियों का कहना था कि विभाग की ओर से सौ-सौ मास्क की व्यवस्था कराई गई थी। संवाद