बागपत। पाइप पेयजल योजना में गांवों में पानी की टंकी समेत अन्य कार्य किए गए हैं। कहीं तो योजना परवान नहीं चढ़ी और जहां कार्य हुए वहां पर भारी गोलमाल होने की आशंका जताई गई। योजना की जांच के लिए मंडलायुक्त ने अफसरों की समिति का गठन किया है। इसमें मंडल के अधिकारियों को शामिल किया है।
जिले के जनसंख्या बाहुल्य गांवों में पाइप पेयजल योजना में पानी की टंकी का निर्माण हुआ था। लोगों के घर तक पीने योग्य पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई थी। चौगामा क्षेत्रों में हालत बद से बदतर हो गए हैं। गांव के लोग शुद्ध पानी की बांट जोह रहे हैं। यह ही नहीं, एक बार जिस भी गांव में पानी चल जाए, उसी गांव में हालत बद से बदतर हो जाते हैं। एक या दो जगह से नहीं बल्कि कई-कई जगहों से पाइप फट जाते हैं। गालियों में गंदगी का आलम बढ़ जाता है। किसी भी गांव में मानक के अनुसार कार्य नहीं हुआ। इसकी शिकायत डीएम से लेकर उच्चाधिकारियों तक लोग कर चुके हैं।
मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने योजना को गंभीरता से लिया। योजना के तहत किए कार्यों की जांच के लिए मंडल के जिलों से एक-एक अफसरों को लेकर एक टीम का गठन किया । जो अभिलेखों के आधार पर जांच करेगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता, पाइप की गुणवत्ता, जन उपयोगी होने की जांच करेगी। अफसरों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।