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धान सीजन सिर पर, गांवों में नहीं लेबर

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बड़ौत। कोरोना वायरस की महामारी के चलते प्रवासी मजदूरों के अपने-अपने पैतृक राज्यों को लौट जाने के कारण इस समय जनपद में लेबर की बड़ी कमी है। धान का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में किसान काफी परेशान है कि वह करें तो क्या करें।
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मजदूरों की पड़ रही कमी
बड़ौत। किसान ओमप्रकाश व सूरज का कहना है कि किसानों को धान की बुवाई करने के लिए लेबर की बहुत जरूरत है। प्रवासी मजदूर कोरोना महामारी कारण अपने-अपने राज्यों को लौट चुके हैं।
किसान व मजदूर की दूर हो जाएगी समस्या
बड़ौत। किसान बिट्टू व सुधीर का कहना है कि धान का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन मजदूरों की कमी पड़ रही है। उन्होंने मांग की है कि मनरेगा लेबर को धान की बुवाई करने में लगाया जा सकता है। इससे किसानों व मजदूरों का फायदा हो जाएगा। ऊपर से बेरोजगार का समस्या का भी काफी हद तक हल हो जाएगा।
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कम हो सकता है रकबा
बड़ौत। विभागीय रिकार्ड के अनुसार तहसील क्षेत्र में वर्ष 2019-2020 में धान का रकबा 621.09 हेक्टेयर था, लेकिन मजदूरों की कमी के चलते रकबा घट सकता है। एडीओ कृषि रक्षा नरेश कुमार का कहना है कि राजकीय बीज भंडार पर धान का बीज उपलब्ध है, लेकिन पिछले कई रोज से कम संख्या में किसान पहुंच रहे है। किसानों को धान के बीच के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
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