बागपत। पशुपालक सतीश कुमार निवासी बरनावा से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़े गए पशुपालन विभाग के कनिष्ठ सहायक अश्वनी कुमार को शनिवार को मेरठ के एंटी करप्शन न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। इसमें पशुपालन विभाग में संचालित योजनाओं का लाभ लेने वाले अन्य लाभार्थियों से भी पूछताछ की जाएगी।
बरनावा गांव निवासी पशुपालक सतीश कुमार की शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने शुक्रवार को विकास भवन की कैंटीन से पशुपालन विभाग के कनिष्ठ सहायक को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। सतीश कुमार ने बताया कि बकरी पालन योजना में चयन होने पर मिलने वाला लाभ देने के बहाने कनिष्ठ सहायक पांच हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। इसमें एंटी करप्शन टीम के प्रभारी योगेंद्र कुमार ने बागपत कोतवाली में कनिष्ठ सहायक अश्वनी कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। कनिष्ठ सहायक की गिरफ्तारी होने के बाद अन्य लाभार्थियों से भी वसूली होने का शक गहरा गया है। इसके चलते अफसरों से दूसरे लाभार्थियों से पूछताछ करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस मामले में जांच अधिकारी ब्रजेश कुमार का कहना है कि आरोपी कनिष्ठ सहायक ब्रजेश कुमार को एंटी करप्शन न्यायालय मेरठ में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।