बागपत। बिजली के तारों से निकली चिंगारी से गेहूं की फसल जलने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने किसानों को क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। विद्युत निगम के एक्सईएन व एमडी को एक लाख 79 हजार 240 रुपये की क्षतिपूर्ति किसानों को देनी होगी।
बड़ग़ांव निवासी महेश व भाई दिनेश ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में केस दायर किया था। जिसमें कहा था कि उनकी 52 बीघा कृषि भूमि है। जिससे सटाकर विद्युत निगम ने ट्रांसफार्मर लगाया हुआ है। उस ट्रांसफार्मर पर क्षमता के अनुसार तार नहीं लगाए गए। जिससे फलस्वरूप उनसे चिंगारी निकलती रहती है। उनके अनुसार वह 23 अप्रैल 2015 को परिवार के साथ खेत में गेहूं की फसल की कटाई करने गए थे। इसी दौरान ट्रांसफार्मर व तार से निकली चिंगारी से खेत में आग लग गई और उनकी फसल जल गई। फसल जलने के कारण वह बैंक का लोन भी जमा नहीं करा सके और वहां भी ब्याज लग गया। इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष/न्यायाधीश रामकरन, सदस्य राजीव कुमार व मीनाक्षी जैन ने आदेश दिया कि किसानों को एक लाख 19 हजार 240 रुपये फसल क्षतिपूर्ति, 50 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति, दस हजार रुपये वाद व्यय को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दिया जाए। यह क्षतिपूर्ति एक्सईएन बागपत व एमडी मेरठ को करने के आदेश दिए हैं।