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किसके आदेश पर हुआ शहीदों का अपमान? सब झाड़ रहे पल्ला

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खेकड़ा की गांधी प्याऊ स्थल पर नेस्तानाबूद हुए स्थल को देखते लोग - फोटो : KAHKRA
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एतिहासिक गांधी प्याऊ को ध्वस्त करने का मामला
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एसडीएम और पालिका अफसर कह रहे हमने नहीं दिए आदेश, व्यापारी बोले प्रशासन के निर्देश पर उठाया कदम
समाजसेवियों ने शहीदों का अपमान बताते हुए दोषियों के खिलाफ की कार्रवाई की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा (बागपत)। 1857 की जंग-ए-आजादी की धरोहर गांधी प्याऊ स्थल और उसके प्राचीन कुएं को किसके आदेश पर किया गया है? इसका अभी तक भी पता नहीं चल सका है। क्षेत्रीय व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन के कहने पर ऐतिहासिक कुएं को मिट्टी से पटवाया है, जबकि एसडीएम और नगर पालिका के अधिकारियों ने आदेश देने की बात से ही पल्ला झाड़ लिया है। कहना है कि उन्होंने सिर्फ बरसात में कुएं के पास धंसी जगह में मिट्टी का भराव करने के निर्देश दिए थे। उधर, बुधवार को समाजसेवियों ने बैठक कर समाजसेवियों ने इसे शहीदों का अपमान बताते हुए दोषियों के खिलाफ की कार्रवाई की मांग की है।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व हुई बारिश में गांधी प्याऊ के पास की जमीन करीब 10 फीट जमीन धंस गई थी। एसडीएम अजय कुमार और सीओ युवराज सिंह भी मौके पर पहुंचे थे और व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। एसडीएम ने कुएं से जुडे़ गौरवशाली इतिहास को देखते हुए उसके किनारे पर बने गड्ढे को मिट्टी से भरवाकर मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि मंगलवार को कुछ व्यापारियों ने खुद ही फैसला लेते गांधी प्याऊ स्थल और कुएं को ही जमींदोज करा दिया था। समाजसेवियों ने हंगामा किया तो काम कर रहे मिस्त्री और मजदूर भाग गए थे। नगर पालिका के अधिशासी अभियंता अनिल पंडित ने मौके पर पहुंच कर एतिहासिक स्थल का पुन: निर्माण कराने की बात कही थी, जबकि एसडीएम अजय कुमार ने राष्ट्रीय संपत्ति गौरव स्थल सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
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मगर, बुधवार को भी इस एतिहासिक धरोहर को ध्वस्त कराने का आदेश देने वालों के नाम सामने नहीं आए और ना ही निर्माण कार्य शुरू हो सका। इस मामले को लेकर चौधरी गजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई समाजसेवियों की बैठक में प्रकरण की निंदा की गई। इसे शहीदों का अपमान बताते हुए जंग ए आजादी की धरोहर को नेस्तनाबूद कराने के आदेश देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और गांधी प्याऊ स्थल को पूर्ववत स्थिति में बनवाने की मांग की गई। ऐसा न होने पर गांधी प्याऊ स्थल पर धरना देने की चेतावनी दी। इस मौके पर अनुज शर्मा, सोनू चौहान, मनोज धामा, अनुज कौशिक, उमेश शर्मा, पुनीत शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, रामकुमार धामा, संदीप शर्मा, गुड्डू शर्मा, मानू वर्मा आदि शामिल रहे। बैठक का संचालन पुष्पेंद्र कुमार ने किया।
प्राचीन कुएं की पुन: स्थापना पर होगी विशेष पूजा
अखिल भारत वर्षीय धर्म संघ के डा. सुरेश चंद कौशिक और रामलीला कमेटी के डायरेक्टर उमेश शर्मा ने बताया कि गांधी प्याऊ का प्राचीन कुआं पूजनीय था। यहां पर दशकों से भगवान श्रीराम की लीला का आयोजन किया जाता है। प्राचीन कुएं की पुन: स्थापना होने पर विशेष अनुष्ठान कर जल स्रोत देव की पूजा कर क्षमायाचना की जाएगी।
सोशल मीडिया पर छाया रहा मामला
एतिहासिक धरोहर गांधी प्याऊ और कुएं को ध्वस्त कराने का मामला बुधवार को सोशल मीडिया पर छाया रहा। लोगों ने कमेंट कर शहीदों का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बता दें कि खेकड़ा के बाजार में गांधी प्याऊ स्थल का प्राचीन कुआं 1857 की क्रांति की धरोहर था। नगर क्षेत्र के क्रांतिकारी यहां पर एकत्र हुआ करते थे और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जंग की योजना बनाते थे। नमक आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी भी यहां आए थे। देश की आजादी के बाद से देश प्रेमियों के लिए यह कुआं पूजनीय था।
दो दिन में शुरू हो जाएगा निर्माण
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नगर अध्यक्ष खेकड़ा निवासी अंकुश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि बरसात में गहरा कुंड बन जाने के कारण गांधी प्याऊ स्थल के हालात बेहद जर्जर हो गए थे। उसकी मरम्मत का कार्य कराया जा रहा था। कुएं के पास बनी दुकान, प्याऊ और पानी के टैंक के नीचे का हिस्सा भी खोखला हो गया था। इससे दुर्घटना की संभावना बनी हुई थी। यह पानी का टैंक दुकान और प्याऊ का कमरा कैसे ध्वस्त हुआ, यह जांच का विषय है। फिलहाल पूरे बाजार के व्यापारियों ने तय किया है कि इसे उसी स्वरूप में बनवाया जाएगा। दो दिन के अंदर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
पालिका के अधिशासी अधिकारी को तलब कर तत्काल एतिहासिक स्थल के पुन: निर्माण के आदेश दिए गए है। जरूरी हुआ तो इसके लिए दोषी लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। - अजय कुमार एसडीएम।
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गांधी प्याऊ स्थल से खेकड़ा के लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई है। पूर्व की भांति ही निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए नक्शा तैयार कराया जा रहा है। प्याऊ, प्राचीन कुआं, सीढ़िया और राष्ट्रीय उत्सवों पर ध्वजा रोहण के लिए पाइप की व्यवस्था कराई जाएगी। - अनिल पंडित, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका।
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