बागपत के खेकड़ा में सावन माह के प्रथम दिन शिव मन्दिर में भगवान शिव की पूजा अर्चना करतीं महिला श्र?
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बालैनी (बागपत)। श्रावण मास के पहले दिन रविवार को पुरा महादेव मंदिर और शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पुरा महादेव मंदिर, बालैनी के वाल्मीकि मंदिर, चकबंदी मंदिर, गुफा बाबा मंदिर के अलावा नगर से लेकर देहात तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शिव भक्तों ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर मन्नतें मांगी।
रविवार से भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास का शुभारंभ हो गया। श्रावण मास के पहले दिन शिवालयों में भक्तों की भीड़ रही। सुबह सवेरे से ही शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई। एतिहासिक पुरा महादेव मंदिर में सुबह चार बजे से श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। क्षेत्र व दूर-दराज से पुरा महादेव मंदिर पहुंचे शिवभक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। मंदिर पर में श्रावण मास के पहले दिन पुलिस कर्मी तैनात नहीं किए गए, जिससे लोगों को परेशानी हुई। उधर, बालैनी के वाल्मीकि मंदिर और चकबंदी देवता पर भी सुबह से दोपहर बाद तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिरों में क्षेत्र के अलावा आस-पास के गांवों ने आए श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा अर्चना की। दिल्ली-सहारपुर रोड स्थित गुफा बाबा मंदिर पर भी रविवार को सुबह सवेरे से श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। गुफा मंदिर पर जिले के अलावा, हरियाणा, मेरठ, दिल्ली और गाजियाबाद से आए श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी। शहर के पक्काघाट मंदिर, बागेश्वर मंदिर, ठाकुरद्वारा मंदिर, चमरावल रोड व मेरठ बागपत रोड स्थित शिव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया।
मास्क रहा अनिवार्य
कोरोना महामारी को देखते हुए शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए आए श्रद्धालुओं के लिए मास्क अनिवार्य रहा। जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के लिए जागरूक किया गया। बिना मास्क आए श्रद्धालुओं का मंदिरों में प्रवेश वर्जित रहा।
मेले पर प्रतिबंध से दुकानदार मायूस
बालैनी। पुरा महादेव मंदिर पर इस बार श्रावणी मेला नहीं लगेगा। इस कारण मेले में दुकानें लगाने वाले दुकानदार मायूस है। दुकानदार प्रवेंद्र और बाबू का कहना है कि वह मेले में दुकानें लगाकर अपने परिवार का पोषण करते है। दो साल से मेले का आयोजन न होने के कारण उन्हें काफी नुकसान हुआ है। सीमा व सुरेश का कहना है वह प्रत्येक श्रावण मास के मेले में खिलौने की दुकानें लगाता थे। इस बार भी कोरोना संक्रमण के मेले पर प्रतिबंध लगा दिया है। मेले का आयोजन न होने के कारण उन्हें काफी नुकसान है।