जिला प्रोबेशन कार्यालय से काफी संख्या में महिलाओं की विधवा पेंशन बंद की, कटाए जा रहे चक्कर
महिलाओं से अभद्रता करने पर हंगामा, प्रोबेशन अधिकारी कुर्सी छोड़क़र बाहर तक नहीं निकली
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। पहले ही पति की मौत से जिन महिलाओं की दुनिया उजड़ चुकी है, अब सरकारी मशीनरी उनके जख्म पर नमक छिडक़ रही है। पति की मौत के बाद विधवा पेंशन से परिवार को मदद मिल रही थी। उसे बंद कर दिया गया है। इसके चलते विधवाएं जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। उन्हें कभी तहसील तो कभी नगर पंचायत तथा पालिका में जाने की बात कहकर दुत्कारा जा रहा है।
जिले में करीब 14 हजार विधवा महिला पेंशनधारक हैं। इन्हें पिछले महीने तक 500 रुपये माहवार मिलते थे। अब सरकार द्वारा पेंशन दोगुनी करने की घोषणा से एक हजार रुपये मिलने की उम्मीद की जा रही है। विधवाओं को सबसे बड़ा दर्द अब जिला प्रोबेशन कार्यालय से मिल रहा है। यहां से सैकड़ों महिलाओं की पेंशन बंद कर दी गई है। इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय के चक्कर काटकर विधवा महिलाएं थक चुकी हैं, लेकिन वहां से उनको केवल टकराया जा रहा है। कार्यालय से बाहर जाने के साथ अभद्रता तक की गई। जिस पर पीड़ितों ने सोमवार को हंगामा किया। इसके बाद भी जिला प्रोबेशन अधिकारी कुर्सी छोडक़र बाहर नहीं निकलीं और विधवाओं को कर्मियों से केवल आश्वासन मिला।
दो छोटे बच्चों व सास की जिम्मेदारी
बागपत पुराना कस्बे के देशराज मोहल्ला निवासी प्रीति के पति नितिन की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई थी। उसकी विधवा पेंशन महज एक बार खाते में आई। छह महीने पहले पेंशन बंद हो गई। वह सास व दो छोटे बच्चों को लेकर जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय के चक्कर काट रही है। आरोप है कि सुनवाई नहीं की जा रही है।
लकवाग्रस्त को भी कटाए जा रहे चक्कर
खेकड़ा के मंगलू पट्टी निवासी हसीना के पति की कई साल पहले मौत हो गई थी। उसने विधवा पेंशन शुरू कराई, लेकिन अब पिछले एक साल से पेंशन खुद ही बंद हो गई। इससे परेशानी बढ़ गई है।
पेंशन की समस्या लेकर आने वाली महिलाओं की समस्या समझकर निस्तारण किया जाता है। यदि किसी के साथ सही व्यवहार नहीं किए जाने का मामला है तो उसकी जांच कराई जाएगी। जिनकी पेंशन की समस्या है, उन्हें दूर कराया जाएगा।-तूलिका शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी