दशलक्षण पर्व के चौथे दिन जैन मंदिरों में उत्तम शौच धर्म की पूजा की
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दशलक्षण पर्व के चौथे दिन जैन मंदिरों में उत्तम शौच धर्म की पूजा हुई। श्रद्धालुओं ने श्रीजी का अभिषेक कर अर्घ्य चढ़ाए। शाम को मंदिरों में धर्मसभा का आयोजन किया। संध्या में 48 दिवसीय भक्तांबर स्त्रोत का पाठ कर महाआरती की गई।
नगर के श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में दशलक्षण पर्व के चौथे दिन भगवान श्री पारसनाथ की प्रतिमा को मंदिर प्रांगण में पांडुक शिला पर विराजमान कर अभिषेक और शांति धारा कराई। शांतिधारा तरुण जैन, अतुल जैन, राजीव जैन, सुखबीर जैन, रजत जैन ने की। श्री अजीतनाथ भगवान विधान का आयोजन किया। इसमें शालू जैन, राजेंद्र जैन, कृष्णा जैन, तरुण जैन, विधान किया। जैन समाज की स्त्री पुरुष बच्चों ने मंदिर प्रांगण में विराजमान श्री पारसनाथ भगवान के सन्मुख 62 अर्घ्य समर्पित किए। संध्या में सर्व प्रथम 48 दिवसीय भक्तांबर स्त्रोत का पाठ कर महाआरती की गई। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। इसमें जिनवर एक मिनट प्रतियोगिता हुई, जिसमें धार्मिक प्रश्न पूछे गए। जैन सेवा संघ बागपत ने विजेताओं को सम्मानित किया। विधान में मयंक जैन, संजीव जैन, विनीत जैन, सार्थक जैन, ऋषभ जैन, सुनील जैन, तरुण जैन, विकास जैन, कामिनी जैन, सुषमा जैन, सुशीला जैन, पालकी जैन, बबीता जैन मौजूद रहे।
उधर, अग्रवाल मंडी टटीरी के दिगंबर जैन मंदिर में सिद्ध चक्र विधान पाठ का आयोजन किया। श्रद्धालुओं ने श्रीजी को 16 अर्घ्य चढ़ाए। पंडित ऋषभ जैन ने कहा लोभ के परिणाम खराब होते हैं। लाभ मानव की कमजोरी है और जानते हुए भी लोग लोभ में फंस जाते हैं। इसमें संजय जैन, प्रवीण जैन, हर्ष जैन, जिनेंद्र जैन, मुकेश जैन, प्रमिला, माया, सुधा, अंजली, रेनू, गीता मौजूद रहे।
अमीनगर सराय कस्बे के दिगंबर जैन मंदिर में तीन लोक महामंडल विधान में श्रीजी का पूजन और अर्घ्य समर्पित किए। संध्या में बच्चों ने भजन प्रस्तुत किए। आचार्य शिवम शास्त्री, दिनेश जैन, विनोद जैन, जयकुमार जैन, प्रवीण जैन, अशोक जैन, भूषण जैन मौजूद रहे।